
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नागरिकों से मिली सूचना पर अब स्टेट जीएसटी (कमर्शियल टैक्स) विभाग कर चोरी पकड़ने में जुट गया है। स्टेट जीएसटी की टीमों ने मंगलवार अपनी तरह की पहली कार्रवाई की। विजेता रोडलाइंस नामक ट्रांसपोर्टर पर जीएसटी के अधिकारियों ने छापा मारा। ट्रांसपोर्ट नगर से लेकर पालदा तक जीएसटी के अधिकारी दफ्तर और गोदाम पर जांच के लिए पहुंचे।
करीब पांच ट्रकों में भरे माल को जांच के लिए जब्त कर सत्यापन शुरू किया। प्रारंभिक तौर पर बिना टैक्स चुकाए और कर चोरी कर माल परिवहन के तथ्य विभागीय अधिकारियों के हाथ लगे हैं। देर रात तक अधिकारियों की टीमें जांच में जुटी थीं।
स्टेट जीएसटी ने हाल ही में अपने पोर्टल www.mptax.mp.gov.in पर कर चोरी की सूचना देने की सुविधा शुरू की है। इस लिंक पर कोई भी व्यक्ति जीएसटी व टैक्स चोरी से जुड़ी सूचना दे सकता है। बीते दिनों में करीब 100 ऐसी शिकायतें पोर्टल के जरिए विभाग तक पहुंची। प्रारंभिक परीक्षण के पास आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों को दी गई। इसके बाद सर्कल एक की टीम ने छापेमारी को अंजाम दिया।
जब ट्रांसपोर्टर के ठिकानों पर जीएसटी अधिकारी जांच के लिए पहुंचे तो वहां साइन बोर्ड भी किसी और फर्म के नाम के लगे थे। गाड़ियां और माल जब्त कर जीएसटी की टीमों ने माल का सत्यापन शुरू किया। शिकायत के अनुसार ट्रांसपोर्टर अवैध गुटखे और मैटल स्क्रैप का परिवहन भी बिना बिल के कर रहा था। हालांकि विभाग ने अभी गुटखा या किसी भी तरह का माल जब्त करने की जानकारी नहीं दी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक तौर पर करीब चार से पांच ट्रकों का माल रोका गया है। पूरे माल को खुलवाकर उसकी जांच की जा रही है। साथ ही उससे जुड़े दस्तावेज भी जांचे जा रहे हैं। इसमें बिना बिल के कारोबार करने वाले और माल भेजने वाले अन्य कारोबारियों की लिंक भी सामने आ सकती है।
ऐसे कर सकते हैं शिकायत
वाणिज्यिककर विभाग के आयुक्त अनय द्विवेदी ने टैक्स चोरी से जुड़ी सूचना देने के लिए नागरिकों का आह्वान किया है। विभाग की वेबसाइट www.mptax.mp.gov.in के जरिए कोई भी नागरिक तथ्यपरक सूचना दे सकता है। पोर्टल के बाईं ओर निचले कोने में प्रोवाइड टैक्स इवेजन इंफार्मेशन की लिंक लाल रंग में ब्लिंक करती दिखाई दे रही है। इस पर क्लिक करने के बाद कोई भी व्यक्ति सूचना और शिकायत दर्ज कर सकता है।
सूचना देने वाला व्यक्ति यदि चाहे तो उसका नाम भी गुप्त रखा जाएगा। दी गई सूचना के आधार पर 30 दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्र के अधिकारी को जांच कर आगे कार्रवाई करनी होगी। सूचना पर क्या कार्रवाई हुई या कार्रवाई का आधार नहीं बना तो इसकी जानकारी भी 30 दिनों में पोर्टल पर अपलोड होगी। सूचना देने वाला व्यक्ति इसे देख सकेगा।
वह अतिरिक्त सूचना देना चाहे और विभागीय रिपोर्ट से असंतुष्ट है तो इस पर फिर से आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए उसे 15 दिन का और समय मिलेगा। हर सूचना और कार्रवाई की मुख्यालय स्तर से निगरानी होगी।