इंदौर में आरटीई रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी, 9029 सीटों के लिए 12086 आवेदन, 2 अप्रैल को खुलेगी ऑनलाइन लॉटरी
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा के लिए 12,086 विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया शनि ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 10:31:43 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 10:31:42 PM (IST)
लॉटरी से तय होगा बच्चों का भविष्य। (सांकेतिक तस्वीर) नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा के लिए 12,086 विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन हुए हैं। रजिस्ट्रेशन करने की प्रक्रिया शनिवार को खत्म हो गई है। अब दो अप्रैल को लॉटरी खुलेगी, जिसके आधार पर विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। जिले में इस बार 32 प्रतिशत सीट पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ी है। बता दें कि जिले में 9,029 विद्यार्थियों को आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा। कुल रजिस्ट्रेशन में से 9,517 विद्यार्थियों के वेरिफिकेशन हो चुके हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ही होगी।
सीटों में बढ़ोतरी के बावजूद आवेदनों में कमी
पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 2,204 सीटें अधिक हैं, लेकिन इसके बावजूद भी रजिस्ट्रेशन काफी कम हुए हैं। यानी लोगों में अब इसे लेकर रुचि कम हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक आवेदनों की संख्या कम होने के कारण स्कूलों की सीटें इस बार भी खाली रह सकती हैं।
इस साल इंदौर के 1,525 प्राइवेट स्कूलों में आरटीई के तहत 9,029 सीटें उपलब्ध हैं, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा हैं। आवेदन के बाद की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। दो अप्रैल को राज्य स्तर पर ऑनलाइन लॉटरी निकाली जाएगी, जिसमें रैंडम तरीके से बच्चों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। सीट पाने वाले बच्चों की रिपोर्टिंग 15 अप्रैल तक होगी।
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आवंटन के बाद भी प्रवेश से पीछे हट रहे अभिभावक
5,126 में से 4,186 बच्चों ने ही लिया था प्रवेश। कई अभिभावक सीट मिलने के बाद भी स्कूलों में रिपोर्टिंग के लिए नहीं पहुंचते हैं। पिछले वर्ष 5,126 सीटें अलॉट हुई थीं, लेकिन 4,186 ने ही प्रवेश लिया। इसका कारण यह भी बताया जा रहा है कि निजी स्कूलों में प्रवेश के बाद विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूलों के अन्य खर्च के कारण भी कई अभिभावक पीछे हट जाते हैं।