
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मई की तेज गर्मी ने पूरे प्रदेश को झुलसा दिया है। इंदौर सहित कई शहरों में दिन के समय सड़कें आग उगलती नजर आ रही हैं। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि चौबीस घंटे पहले सोमवार को पारा 44.3 डिग्री तक पहुंच गया था, जो सामान्य से करीब 4 डिग्री अधिक रहा। पिछले 10 वर्षों में यह केवल तीसरा मौका है। जब तापमान इस खतरनाक स्तर तक पहुंचा है।
गर्मी का असर इतना ज्यादा है कि सुबह 11 बजे के बाद घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। दोपहर के समय चल रही तेज और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और पश्चिम की ओर बनी हुई है। इसके कारण गर्मी लगातार बनी हुई है। आसमान में हल्के बादल भी छाए रहे, जिससे उमस बढ़ गई और लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं। सोमवार रात का न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक रहा। मंगलवार रात 10 बजे तक भी गर्मी और उमस लोगों को परेशान करती रही।
इस बीच मौसम विभाग ने मानसून को लेकर राहत भरी खबर दी है। अगले तीन से चार दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पूर्व अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। हालांकि इसमें चार दिन आगे-पीछे होने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर पाकिस्तान और जम्मू क्षेत्र में बने पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण तथा विभिन्न ट्रफ लाइनों के कारण मौसम में बदलाव की स्थिति बन रही है। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में बादल और हल्की बारिश की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल लोगों को तेज गर्मी और लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।