
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। निजी कंपनी की शैक्षणिक संस्था में 200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में की जांच करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दस्तावेज जब्त किए हैं। ईडी ने मामले में ईसीआइआर दर्ज की थी।
जांच के दौरान घोटाला का दायर बड़ा होने की जानकारी सामने आने के बाद ईडी ने संस्था के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए दस्तावेज जब्त किए। ईडी की टीम इंदौर स्थित दफ्तर भी पहुंची और दस्तावेज जब्त किए।
गौरतलब है कि ईडी ने आस्था फाउंडेशन फार एजुकेशन सोसायटी से जुड़े घोटाले में आरोपित व्यक्तियों और उनसे संबंधित संस्थाओं से जुड़े भोपाल और इंदौर सहित 12 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इसमें एक बैंक लाकर भी शामिल है। कार्रवाई चौकसे ग्रुप से जुड़े आवासीय परिसरों, प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों पर की गई।
जांच में सामने आया कि आस्था फाउंडेशन फार एजुकेशन सोसायटी, जो कई शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान संचालित करती है, में फंड के इस्तेमाल को लेकर शिकायत थी। आरोप था कि छात्रों की फीस, छात्रवृत्ति राशि और बैंक ऋणों से जुड़े धन का उपयोग संबंधित ट्रस्टों, कंपनियों और संस्थाओं में किया गया।
तलाशी में ईडी को करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की राशि, मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण, डेटा, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति के दस्तावेज मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। मामले में जांच अब भी जारी है।
गौरतलब है कि संस्था के पूर्व चेयरमैन अनिल संघवी की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने जयनारायण चौकसे, अनुपम चौकसे, धर्मेंद्र गुप्ता और अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। इसके बाद कनाड़िया रोड स्थित सेवाकुंज अस्पताल के दफ्तर में पड़ताल कर दस्तावेज जब्त किए गए थे।