
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के अध्ययनशाला में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बीच हुए विवाद को लेकर सोमवार को भंवरकुआं पुलिस ने कार्रवाई की। जहां सात दिन से आरोपी छात्र फरार थे, जो आईआईपीएस में सोमवार को परीक्षा देने पहुंचे। यहीं से पुलिस ने दोनों छात्रों को हिरासत में लिया है। ये दोनों छात्र एबीवीपी से जुड़े है। जबकि संगठन के पदाधिकारी इन्हें अपना कार्यकर्ता बताने से बच रहे है।
दरअसल विवाद सात दिन पहले केशव पाटीदार से सक्षम चौहान और नितेश पारशर का हुआ। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। पीड़ित छात्र केशव ने भंवरकुआं थाने में शिकायत की। आरएसएस की तरफ से केशव के पास स्टूडेंट विंग की जिम्मेदारी है। इस वजह से पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाई। सक्षम और नितेश दोनों की तलाश की गई, लेकिन वह फरार हो गए। सोमवार को आईआईपीएस विभाग में एमबीए पांच वर्षीय टूरिज्म पाठ्यक्रम की परीक्षा शुरू हुई। दोनों छात्र परीक्षा देने पहुंचे।
दोनों के पहुंचने की खबर मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। सोमवार दोपहर एक बजे जैसे ही दोनों छात्र आईआईपीएस पहुंचे, वैसे ही यहां से पुलिस ने दोनों छात्रों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भी सक्रिय हुई, क्योंकि दोनों छात्र संगठन से जुड़े थे। वहीं नगर मंत्री देवेश गुर्जर का कहना है कि एबीवीपी की कार्यकारणी पहले ही खत्म हो चुकी है। इन दिनों इन छात्रों के पास संगठन की तरफ से कोई दायित्व नहीं था। यहां तक कि लम्बे समय से ये संगठन में सक्रिय नहीं है।
आईआईपीएस की निदेशक डा. यामिनी करमकर का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में इन विद्यार्थियों के बीच कोई विवाद नहीं हुआ है। पुलिस सिर्फ इन्हें पुराने मामले में हिरासत में लेने आई थी, क्योंकि टूरिज्म पाठ्यक्रम की परीक्षा चल रही है। जहां ये दोनों छात्र पहुंचे थे।