इंदौर में मुराई मोहल्ला में एक के बाद एक तीन मकान गिरे, ड्रेनेज लाइन के लिए हो रही खोदाई के कारण हादसा होने का आरोप
Indore News: जूनी इंदौर क्षेत्र के मुराई मोहल्ला में शनिवार रात एक के बाद एक तीन मकान धंस गए। राहत की बात ये रही कि इसमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 15 Feb 2026 11:29:30 AM (IST)Updated Date: Sun, 15 Feb 2026 11:30:37 AM (IST)
इंदौर में मुराई मोहल्ला में एक के बाद एक तीन मकान धंसेHighLights
- नई ड्रेनेज लाइन डालने का काम चल रहा है
- शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने निगम पर लगया आरोप
- किसी तरह की जनहानि नहीं हुई
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। जूनी इंदौर क्षेत्र के मुराई मोहल्ला में शनिवार रात एक के बाद एक तीन मकान धंस गए। राहत की बात ये रही कि इसमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। रहवासियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा ड्रेनेज लाइन डालने के लिए की जा रही खोदाई में लापरवाही के चलते मकान गिरे।
घटना के बाद मौके पर रात को क्षेत्र में निगम के अधिकारी, पुलिस बल पहुंचा और आसपास से लोगों को हटाया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी मौके पर पहुंचे। रहवासियों से बात करने के बाद चौकसे ने निगम को घटना का जिम्मेदार बताया।
चौकसे ने कहा कि निगम की लापरवाही से कई लोगों की जान एक बार फिर संकट में पड़ी है और जीवनभर की पूंजी बर्बाद हो गई।
नई ड्रेनेज लाइन डालने का काम चल रहा है
मुराई मोहल्ला के गली नंबर 17/2 में व्यापारियों के पुराने मकान हैं। क्षेत्र में नगर निगम बीते दिनों से नई ड्रेनेज लाइन डालने का काम कर रहा है। इस दौरान पहले सड़क खोदी गई। कुछ पुराने मकानों के बाहर ओटले भी बने हुए हैं। इन ओटलों के नीचे पुरानी नालियां बनी हुई हैं। खुली नालियों को बंद करने की कवायद में नगर निगम ने ओटलों को भी तोड़ने का काम शुरू किया।
इस दौरान नगर निगम के जेसीबी चालक की लापरवाही से एक मकान का पिलर टूट गया, जिससे वह मकान झुकने लगा। राकेश गर्ग नामक व्यापारी का यह मकान बताया जा रहा है। मकान झुकता देख इसकी सूचना रहवासियों ने नगर निगम के अधिकारियों को दी। थोड़ी देर बाद मकान ढहने लगा और इसने पास में सटकर बने दो अन्य मकानों को भी चपेट में ले लिया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने नगर निगम पर लगया आरोप
मौके पर पहुंचे शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि जब मकान गिरने लगा तो कुछ बच्चे पास ही खेल रहे थे। लोग सचेत हो गए और उन्हें हटाया। वर्ना जनहानि हो सकती थी। नगर निगम ने बिना सुरक्षा का ध्यान रखे और तकनीकि जांच किए मनमाने तरीके से खोदाई और निर्माण किया।
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इस सबमें लोगों के घरों की नींव भी तोड़ दी गई। मकानों के गिरने से कई परिवार बेघर हो चुके हैं। जीवनभर की पूंजी से बनाए मकान उन्होंने खो दिए। महापौर और नगर निगम को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी। एक बार फिर नगर निगम लोगों के जीवन को संकट में डाल रहा है।