भोपाल में करंट से वकील की मौत पर आक्रोश; मशाल जुलूस निकालकर किया एमपीनगर थाने का घेराव, अफसरों पर FIR की मांग
युवा मोर्चा और स्वजनों ने एमपीनगर में मशाल जुलूस निकालकर थाना प्रभारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। नगर निगम ने सहायक यंत्री सुमित सिंह को निलंब...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 10:32:44 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 10:32:44 PM (IST)
युवा मोर्चा और स्वजनों ने एमपीनगर में मशाल जुलूस निकालकर थाना प्रभारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। नईदुनिया।HighLights
- एमपीनगर में मशाल जुलूस निकालकर थाना प्रभारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
- दिव्यऋषि तिवारी की मौत मामले में नगर निगम अधिकारियों पर FIR की मांग
- नर्मदा ट्रामा सेंटर पर इलाज से इनकार करने और एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराने का आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। एमपीनगर में डीबी माल के सामने बिजली के खंभे से करंट लगने से हुई भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री व अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत मामले में स्वजनों ने नगर निगम के अधिकारियों को आरोपित बनाने की मांग की है।
एमपीनगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद नगर निगम ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर सहायक यंत्री सुमित सिंह को निलंबित कर दिया है। जबकि कार्यपालन यंत्री आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव ऊर्जा विभाग को भेजा है।
सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
ऐसे में युवा मोर्चा व स्वजनों ने शनिवार को एमपीनगर में मशाल जुलूस निकालते हुए एमपीनगर थाने का घेराव किया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है।
पुलिस को दिए ज्ञापन में बताया कि 27 सितंबर को बिजली के खंभे से करंट लगने से हुई दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में स्वजनों ने अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
अधिकारियों पर हुआ एक्शन
कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के बाद नगर निगम ने दो अक्टूबर को कार्यपालन यंत्री आशीष श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की है और सहायक यंत्री सुमित सिंह को लापरवाही व उदासीनता के आरोप में निलंबित किया है।
दोनों की जिम्मेदारी सामने आने के बाद भी यदि एफआईआर में नाम नहीं हैं तो उनकी आपराधिक भूमिका की जांच की जाए ।
स्वजनों ने नर्मदा ट्रामा सेंटर पर इलाज से इनकार करने का भी आरोप लगाया है। अस्पताल ने एआईएमएस या हमीदिया ले जाने को कहा और एंबुलेंस मांगने पर भी मदद नहीं मिली। स्वजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जुलूस के दौरान लगा जाम
मशाल जुलूस के दौरान जाम लग गया, जिससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बाद में पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात व्यवस्था को बहाल करवा दिया था।
स्वजनों की पांच प्रमुख मांगें
-निलंबित अधिकारियों पर एफआईआर: आशीष श्रीवास्तव और सुमित सिंह की आपराधिक भूमिका की जांच कर एफआईआर में नाम जोड़े जाएं।
-ट्रामा सेंटर की जांच: दिव्यऋषि को भर्ती करने से इनकार, एआईएमएस/हमीदिया भेजने और एंबुलेंस नहीं देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच हो।
-अस्पताल पर कार्रवाई: डाक्टर, प्रबंधन या अन्य जिम्मेदार की लापरवाही साबित होने पर आपराधिक-प्रशासनिक कार्रवाई और लाइसेंस रद्द किया जाए।
- अन्य दोषियों पर कार्रवाई: विद्युत व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाए जाएं तो उनके नाम भी एफआइआर में जोड़े जाएं।
- समयबद्ध जांच: पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की समय-सीमा तय हो तथा हर महत्वपूर्ण प्रगति की लिखित जानकारी स्वजनों को दी जाए।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।- जयहिंद शर्मा, थाना प्रभारी, एमपीनगर