
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अर्जुन बड़ौद के बाद मंगलवार को इंदौर-देवास बायपास के रालामंडल फ्लाईओवर को ट्रैफिक के लिए खोल दिया है, लेकिन अभी फ्लाईओवर का पांच फीसद काम बाकी है। इसमें लाइटिंग-डिवाइडर और संकेतक लगाए जाना बाकी है। यह काम अगले कुछ दिनों में निर्माण एजेंसी को पूरा करना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के मुताबिक अगले महीने से सर्विस रोड की मरम्मत की जाएगी।
40 करोड़ की लागत से बने रालामंडल फ्लाईओवर को पूरा होने में साढ़े तीन साल लगे हैं। प्रोजेक्ट की अवधि दो साल रखी गई थी, जिसे अगस्त 2025 में पूरा होना था। मगर फ्लाईएश और निर्माण एजेंसी की धीमी गति से काम करने के चलते प्रोजेक्ट में देरी हुई है।
एनएचएआइ को भी दो बार डेडलाइन बढ़ाना पड़ी। वैसे एजेंसी ने फरवरी में अधूरे फ्लाइओवर का ट्रायल किया था। इसे लेकर वरिष्ठ अधिकारी काफी नाराज हुए थे, क्योंकि फ्लाइओवर के अप्रोच रोड नहीं बनी थी। उसके बाद एक हिस्सा से वाहनों को गुजरने के लिए खोला गया। मंगलवार को फ्लाइओवर के दोनों भुजाओं से यातायात शुरू हो गया है। मगर अभी धूल उड़ रही है। इसे लोगों को गाड़ी चालने में दिक्कतें होती है।
इंदौर। ट्रेजर टाउन क्षेत्र में निर्माणाधीन सड़क का काम वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले पूरा कर लोकार्पित किया जाए ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह निर्देश महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान दिए। उन्होंने वार्ड 78 में स्वच्छता व्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं और चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की। महापौर ने सड़क निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमणों और अन्य अवरोधक निर्माणों को शीघ्र हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय पार्षद ने महापौर को बताया कि सड़क निर्माण के दौरान कुछ स्थानों पर चार अलग-अलग पक्षों द्वारा आपत्तियां दर्ज कराई गई है। इस पर महापौर ने कहा कि संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो हिस्से निर्विवादित हैं वहां तत्काल सड़क निर्माण पूरा किया जाए। निर्माणाधीन संप का काम भी देखामहापौर ने बिजलपुर स्थित निर्माणाधीन संप (संपवेल) का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि इस काम के पूरा होने के बाद पश्चिमी क्षेत्र में लंबे समय से बनी पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
90 डिग्री फ्लाईओवर के बाद नगर निगम का एक और कारनामा, रेलवे की जमीन पर बनाया पब्लिक टॉयलेट