
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सूरज के तेवर तेज होते ही शहर में पानी की गंभीर किल्लत होने लगी है। हालत यह है कि शहर का शायद ही कोई क्षेत्र होगा जहां लोग पानी के लिए भटक न रहे हों। सबसे ज्यादा परेशानी उन क्षेत्रों में है जहां नर्मदा लाइन नहीं है। इन क्षेत्रों में लोग पूरी तरह से बोरिंग पर निर्भर हैं। गर्मी की वजह से बोरिंग सूख चुके हैं। अब यहां के रहवासी पूरी तरह से टैंकरों पर आश्रित हो गए हैं। नगर निगम का दावा है कि शहर में 600 से ज्यादा टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है, बावजूद इसके जल संकट है। इधर निजी टैंकरों ने मौका का फायदा उठाते हुए रेट बढ़ा दिए हैं। जो टैंकर चार माह पहले तक 500 रुपये में आ रहा था उसके अब 1200 रुपये तक मांगे जा रहे हैं।
नगर निगम ने अपने टैंकरों में पानी भरने के लिए शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के 52 निजी बोरिंग अधिग्रहित कर लिए हैं। इन बोरिंग से निगम के टैंकर निश्शुल्क पानी भर रहे हैं। ये पानी उन क्षेत्रों में भेजा जा रहा है जहां पानी की ज्यादा किल्लत है। उद्यान, वाहनों की धुलाई, निर्माण कार्य इत्यादि के लिए लोगों को सशुल्क उपचारित (एसटीपी का ट्रीटेड पानी) पानी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि नर्मदा जल और बोरिंग के पानी को बचाया जा सके। बिगड़ते हालात देखते हुए कांग्रेस भी मैदान में उतर गई है। निगम में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस अब लोगों के साथ सड़क पर उतरकर पानी मांगेगी।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष व नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि शहर में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है। लोगों को पानी के लिए दिन-दिनभर भटकना पड़ रहा है। कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां लोग पूरी तरह से टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। पानी की समस्या को देखते हुए 15 मई को नगर निगम के सभी 22 जोन पर कांग्रेस जनता के साथ मिलकर प्रदर्शन करेगी और पानी की मांग करेगी। चौकसे ने बताया कि प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करने के साथ ही कांग्रेस नेताओं को जिम्मेदारी भी सौंपी जा रही है।
सभी 22 जोन पर शुक्रवार सुबह आंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन राजनीति से हटकर है। लोग पानी के लिए परेशान हैं। प्रदर्शन के दौरान सिर्फ एक मांग की जाएगी कि 'पानी दो'…। लोग खाली मटके भी लेकर आएंगे, जो प्रदर्शन के दौरान फोड़े जाएंगे।