दूसरी शादी की चाहत में कसाई बनी मां, 8 साल की बेटी को ट्रेन के आगे फेंका, 13 दिन बाद मासूम ने तोड़ा दम
नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर 17 मार्च को महिला क्लर्क अंजू सिंह राजपूत ने अपनी आठ वर्षीय बेटी को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था। ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 31 Mar 2026 08:51:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 31 Mar 2026 08:51:10 PM (IST)
दूसरी शादी की चाहत में कसाई बनी मां।HighLights
- दूसरी शादी की चाहत में कसाई बनी मां।
- 8 साल की बेटी को ट्रेन के आगे फेंका।
- 13 दिन बाद मासूम ने तोड़ा दम।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर 17 मार्च को महिला क्लर्क अंजू सिंह राजपूत ने अपनी आठ वर्षीय बेटी को ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था। 13 दिन जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद बेटी की मौत हो गई। जीआरपी ने मामले में महिला क्लर्क को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, अंजू ने रात करीब आठ बजे प्लेटफार्म नंबर-एक से गुजर रही तमिलनाडु एक्सप्रेस के सामने बच्ची को धक्का दे दिया था।
प्रत्यक्षदर्शियों और लोको पायलट के बयान से खुलासा
वह ट्रेन आने से करीब डेढ़ घंटे पहले बच्ची के साथ स्टेशन पहुंच गई थी। आरपीएफ ने ट्रेन और ट्रैक के बीच फंसी बच्ची को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे भोपाल रेफर कर दिया गया था। शुरुआत में वह इनकार करती रही, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और लोको पायलट के बयान के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरी शादी की चाहत में बेटी बनी बाधा
पूछताछ में सामने आया कि अंजू के पति की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और उसे अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। पुलिस के अनुसार, वह दूसरा विवाह करना चाहती थी और बच्ची को बाधा मान रही थी। घटना के बाद भी वह अस्पताल में मौजूद रही। बच्ची की मौत की जानकारी मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।