
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कृषि उपज मंडी समिति सिहोरा ने अवैध रूप से कृषि उपजों का परिवहन करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में मंडी उड़नदस्ता दल ने चेकिंग के दौरान एक ट्रक को पकड़ा, जिसमें बिना वैध अनुज्ञा पत्र (परमिट) के भारी मात्रा में गेहूं का अवैध परिवहन किया जा रहा था। प्रशासन ने मंडी शुल्क की चोरी के इस मामले में आरोपित पर भारी आर्थिक दंड लगाया है। इंटरनेट मीडिया पर भी विभाग की इस मुस्तैदी की चर्चा है।
मंडी बोर्ड भोपाल के प्रबंध संचालक, संयुक्त संचालक मो. शाहिद खान, अनुविभागीय व भारसाधक अधिकारी ज्योति परस्ते और मंडी समिति सिहोरा की सचिव सविता धुर्वे के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। सिहोरा मंडी क्षेत्र में उड़नदस्ता दल प्रभारी उप निरीक्षक शिवलाल कुलेश एवं सहायक ग्रेड-3 नरेंद्र गर्ग द्वारा वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान ट्रक क्रमांक यूपी 70 एफटी 8485 को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 309 क्विंटल गेहूं लदा मिला।
दस्तावेजों की मांग करने पर चालक कोई वैध परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका। यह खेप मैसर्स आरआरके इंटरप्राइजेज, 65 नई बस्ती कीडगंज, प्रयागराज द्वारा भेजी जा रही थी। आरोपित व्यापारी अमृतलाल द्वारा यह माल उत्तर प्रदेश से सीधे कर्नाटक भेजा जा रहा था।
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बिना वैध परमिट के अनाज का परिवहन सीधे तौर पर टैक्स चोरी का मामला है। जिसके कारण मप्र कृषि उपज मंडी अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के उल्लंघन पर वाहन के खिलाफ प्रकरण तैयार किया गया। इसके तहत पांच गुना मंडी शुल्क और निराश्रित शुल्क सहित कुल 85,633 रुपये की दंड राशि वसूली गई। मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कृषि व्यापार करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।