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ग्वालियर-चंबल के 24 स्कूलों में शुरू होंगी कृषि विषय की कक्षाएं, अतिशेष और अतिथि शिक्षकों की होगी तैनाती

इस फैसले से क्षेत्र के युवाओं को स्कूली स्तर से ही कृषि विज्ञान की आधुनिक तकनीकों और बारीकियों को सीखने का अवसर मिलेगा।

By Anil TomarEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 04:56:55 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 05:02:04 PM (IST)
ग्वालियर-चंबल के 24 स्कूलों में शुरू होंगी कृषि विषय की कक्षाएं, अतिशेष और अतिथि शिक्षकों की होगी तैनाती
ग्वालियर-चंबल में लगेंगी कृषि विषय की कक्षाएं।

HighLights

  1. कृषि विषय की कक्षाएं बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सके।
  2. जिला शिक्षा अधिकारियों, संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए हैं।
  3. कृषि विषय के अध्यापन के लिए अब शिक्षकों की व्यवस्था दो तरह से की जाए।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल के विद्यार्थियों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। अंचल के ग्रामीण एवं कृषि प्रधान क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने प्रदेश में 200 स्कूलों में व ग्वालियर-चंबल संभाग के 24 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कृषि विषय की कक्षाएं प्रारंभ करने की विधिवत मंजूरी दे दी है। इस फैसले से क्षेत्र के युवाओं को स्कूली स्तर से ही कृषि विज्ञान की आधुनिक तकनीकों और बारीकियों को सीखने का अवसर मिलेगा। विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारी व संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि इन कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाने के लिए अतिशेष व अतिथि शिक्षकों करें।

शिक्षकों की व्यवस्था के लिए सख्त निर्देश

  • कृषि विषय की कक्षाएं बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संचालित हो सकें, इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारियों और संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।
  • विभाग ने निर्देशित किया है कि कृषि विषय के अध्यापन के लिए शिक्षकों की व्यवस्था दो तरह से की जाए।
  • जिले के अन्य स्कूलों में उपलब्ध अतिशेष कृषि विषय के शिक्षकों का तत्काल इन स्वीकृत विद्यालयों में समायोजन की जाए।
  • यदि अतिशेष शिक्षकों से आवश्यकता पूरी नहीं होती है, तो प्राथमिकता के आधार पर नए अतिथि शिक्षकों (कृषि) की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

अंचल के छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

  • ग्वालियर-चंबल अंचल मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला क्षेत्र माना जाता है।
  • अब तक कई उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कृषि विषय न होने के कारण ग्रामीण छात्रों को मजबूरी में अन्य संकायों का चयन करना पड़ता था या पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था।
  • स्कूली स्तर पर कृषि विज्ञान की पढ़ाई शुरू होने से छात्रों को आगे चलकर बीएससी, कृषि इंजीनियरिंग और एग्री-बिजनेस जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने में आसानी होगी।
  • विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों की तैनाती प्रक्रिया जल्द पूरी कर कक्षाएं नियमित रूप से शुरू कराई जाएंगी।

ग्वालियर चंबल के किन किन स्कूलों में शुरू होगा कृषि विषय

- मुरैना: उमावि खांडोली, माडल स्कूल पहाड़गढ़, शाउमावि पचेखा, शाउमावि सुजरमा, शाउमावि कोट सिरथरा, माडल स्कूल सबलगढ़, कन्या विद्यालय।

- भिंड: पीएमश्री शेरपुर, सांदपनि स्कूल मौ, उमावि मालनपुर, पीएमश्री कन्या उमावि मौ, पीएमश्री उमावि असवार, शाउमावि कन्या दबोह।

-शिवपुरी: कन्या उमावि छर्च, उमावि गोवर्धन, उमावि करही नरवर, उमावि चकरामपुर, कन्या उमावि सदरबाजार शिवपुरी।

- ग्वालियर: शाउमावि जवाहर बिलौआ, पीएमश्री स्कूल खड़बई डबरा, शाउमावि उटीला।