
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी डैम क्रूज हादसे (Bargi Dam Tragedy) के बाद मुख्यमंत्री जबलपुर पहुंचे और डुमना एयरपोर्ट से सीधे खमरिया पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित आर कामराज के स्वजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हादसे में हुई मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और कामराज के बच्चों को ढांढस बंधाया।
जानकारी के अनुसार, इस हादसे में आर कामराज सहित उनके परिवार के सात सदस्य क्रूज में सवार थे। इनमें आर कामराज सहित तीन लोग अब भी लापता हैं, जबकि उनकी पत्नी और भाभी के शव बरामद हो चुके हैं। वहीं एक बेटा और एक बेटी को गुरुवार रात सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
लेबर यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से पार्थिव देह को तमिलनाडु स्थित पैतृक घर भेजने के लिए हवाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री सिविल लाइन स्थित भसीन रेसिडेंसी पहुंचे, जहां उन्होंने सैयद रियाज हुसैन के निवास पर उनकी पत्नी रेशमा सैयद के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने रियाज हुसैन को सांत्वना दी और इस कठिन समय में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, विधायक अशोक रोहाणी, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर और प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कोतवाली क्षेत्र के दरहाई मार्ग में रहने वाली मृतक नीतू सोनी के निवास पर भी पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिवारजनों ने उन्हें हादसे की जानकारी दी और बताया कि नीतू सोनी अपने परिवार के साथ गुरुवार को बरगी बांध घूमने गई थीं।
हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि पांच वर्षीय विराज सोनी अब भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। वहीं परिवार के अन्य सदस्य विकास सोनी, अनामिका सोनी, आराध्या सोनी और समृद्धि सोनी सुरक्षित हैं।