नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। फर्जी बिलों के बल पर साढ़े तीन करोड़ का घोटाला किया गया। विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) की छठी बटालियन में यात्रा भत्तों (टीए) के बिलों में फर्जीवाड़ा हुआ है। इस घोटाले को एएसआई सत्यम शर्मा और आरक्षक अभिषेक झारिया ने अंजाम दिया। इनके खिलाफ रांझी पुलिस ने सोमवार रात प्रकरण दर्ज किया। एएसआई और आरक्षक को निलंबित कर दिया गया था। मामले में अन्य 11 जवानों की भूमिका भी संदेह के दायरे में है।
बटालियन में पदस्थ रहते हुए एएसआई सत्यम शर्मा और आरक्षक अभिषेक ने फर्जी टीए बिल लगाए। एक ही अवधि में कई बार दोहरा भुगतान ट्रांसफर कराया। किसी को संदेह न हो, इसलिए पोर्टल में ब्लैक एंड वाइट कॉपी अपलोड की। लेकिन, स्टेट फाइनेंस इंटेलीजेंस सेल (एसएफआइसी) की जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया।
जांच में पता चला कि पोर्टल में अपलोड किए गए अधिकतर बिलों में न तो तारीख अंकित थी और न ही आवक-जावक क्रमांक। यह भी खुलासा हुआ कि सत्यम और अभिषेक ने एक जनवरी 20222 से 12 नवंबर 2025 तक बटालियन के अधिकारियों से धोखे से ओटीपी प्राप्त कर यह फर्जीवाड़ा किया।
पुलिस के अनुसार अभिषेक झारिया ने 548220 यात्रा भत्ता और मेडिकल बिल के 53208 रुपए पास कराए। उसके अकाउंट मे 60,19,830 थे। फर्जीवाड़े में शामिल आरक्षक नीतेश पटेल के अकाउंट में 30,62,816, नीतेश धुर्वे के अकाउंट में 28,70,539, हवलदार देवेंद्र कुमार के खाते में 27,92,846, आरक्षक राहुल साहू के अकाउंट
में 33,19,699, आरक्षक आस्तिक शुक्ला के खाते में 24,88,036, आरक्षक देवेंद्र सिंह के अकाउंट में 20,36,778, आरक्षक राकेश जोशी के खाते में 17,24,343, आरक्षक गुलशन सिंह के अकाउंट में 14,98,496, आरक्षक जितेन्द्र झारिया के अकाउंट में 13,92,933, आरक्षक सुनील विश्वकर्मा के अकाउंट में 1270937 और आरक्षक विशाल कुमार के अकाउंट में 11,65,876 रुपए भेजे गए थे।