
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बहुचर्चित कटनी सीएसपी आवास हमला कांड में नया मोड़ आया है। जबलपुर निवासी अधिवक्ता अरुणा शर्मा ने कटनी के पूर्व पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन, तत्कालीन एएसपी संतोष डहरिया, तत्कालीन डीएसपी प्रभात शुक्ला और तत्कालीन महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा सहित अन्य के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में परिवाद दायर किया है।
घटना 31 मई 2025 की रात की बताई गई है। आरोप है कि कटनी सीएसपी आवास में अधिवक्ताओं व प्रशासनिक अधिकारियों के परिवारजनों पर प्राणघातक हमला किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तत्कालीन एसपी अभिजीत कुमार रंजन को पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच किया गया था। वहीं तत्कालीन डीएसपी प्रभात शुक्ला और महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा को डीआइजी कार्यालय जबलपुर अटैच किया गया था। मामले की जांच डीआइजी जबलपुर को सौंपी गई थी।
गृह विभाग ने जारी किया नोटिस
जांच प्रतिवेदन के आधार पर गृह विभाग ने पूर्व एसपी अभिजीत कुमार रंजन और तत्कालीन एएसपी संतोष डहरिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया। वहीं पुलिस मुख्यालय ने डीएसपी प्रभात शुक्ला को निंदा की सजा दी, जबकि डीआइजी जबलपुर ने महिला थाना प्रभारी मंजू शर्मा पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड लगाया।
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अधिवक्ता ने ली न्यायालय की शरण
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि लगातार शिकायतों और विभागीय कार्रवाई के बावजूद संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसी के चलते अधिवक्ता अरुणा शर्मा ने न्यायालय की शरण ली है। परिवाद में घटना के संबंध में आरोपों पर न्यायालय से विधि अनुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
मार्च 2025 में ही डीआइजी जबलपुर द्वारा तत्कालीन कटनी एसपी अभिजीत कुमार रंजन के विरुद्ध एक जांच प्रतिवेदन एडीजी (सतर्कता) को भेजा गया था। इसके आधार पर उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
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