
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। बरगी जलाशय में हुए क्रूज हादसे को लेकर सामने आई जानकारी में गंभीर लापरवाहियां उजागर हुई हैं। सूत्रों के अनुसार हादसे के दिन मौसम विभाग की ओर से 'येलो अलर्ट' जारी था, जिसके बावजूद क्रूज को चलाया गया। दोपहर के समय अचानक मौसम खराब हुआ और तेज हवाओं के साथ ऊंची लहरें उठने लगीं।
तूफान की वजह से उठी बड़ी लहरों के डर से क्रूज में सवार यात्री घबराकर एक तरफ इकट्ठा हो गए, जिससे क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान लहरों का पानी भी भीतर आने लगा और स्थिति गंभीर हो गई। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि क्रूज में कितने लोग बैठे, इसका अभी तक आधिकारिक आंकड़ा तय नहीं हो पाया है।
जहां करीब 28 टिकट दर्ज बताए गए, वहीं कुल सवारियों की संख्या 40 से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। कुछ यात्रियों को छूट देकर बैठाने और बच्चों की गिनती स्पष्ट न होने की बात भी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार हादसे के बाद सीसीटीवी फुटेज और टिकट रिकार्ड की जांच की जा रही है, जिसमें सवारियों की संख्या में अंतर पाया गया है।
अधिकांश यात्रियों के पास लाइफ जैकेट होने के बावजूद गंभीर हादसा होना इस बात की ओर इशारा करता है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सही तरीके से नहीं किया गया। प्रारंभिक रूप से क्रूज ऑपरेटर, सहायक स्टाफ और प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है।
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घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच में सभी पक्षों को रखा जा रहा है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि मौसम खराब होने की वजह से ही घटना हुई, बावजूद इसके विशेषज्ञों की मदद से अन्य कारणों का भी पता लगाने में जुटे हैं। इलैया राजा टी, पीएस, टूरिज्म डिपार्टमेंट