
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रीवा-मुंबई, जबलपुर-पुणे और जबलपुर-बांद्रा ट्रेनों के बाद अब जबलपुर-कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन को भी नियमित कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड के निर्देश के बाद शनिवार से इस ट्रेन का नंबर बदलकर 20160/20159 हो गया। ट्रेन की श्रेणी बदलने से यात्रियों को किराये में राहत मिली है। इससे पनवेल, रत्नागिरी, मडगांव, कोझिकोड (कालीकट) और कोयंबटूर तक सीधी रेल यात्रा का किराया कम हो गया।
इसी सप्ताह जबलपुर होकर चलने वाली आरकेएमपी-अगरतला ट्रेन (11665/11666) भी नियमित की गई है। अब जबलपुर से दो प्रमुख धार्मिक नगरों (हरिद्वार और अयोध्या) को सीधा जोड़ने वाली दो साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों के नियमित होने की प्रतीक्षा है। स्पेशल श्रेणी के कारण यात्रियों को अभी ज्यादा किराया देना पड़ता है। साथ ही, नियमित ट्रेनों को रेलपथ पर प्राथमिकता मिलने के चलते स्पेशल ट्रेनों को अक्सर देर होती है।
संस्कारधानी से हरिद्वार, मेरठ, अलीगढ़, अयोध्या और वाराणसी के लिए कोई सीधी नियमित ट्रेन नहीं है। प्रयागराज और बनारस के लिए लंबी दूरी की ट्रेनें जबलपुर से गुजरती हैं, जबकि हरिद्वार के लिए शहर से एकमात्र सीधी सुविधा स्पेशल ट्रेन है। इन धार्मिक नगरों और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें कन्फर्म नहीं मिलने पर उन्हें महंगी स्पेशल ट्रेन से सफर करना पड़ता है। नियमित होने से यात्रियों का शुल्क भार घटेगा।
स्पेशल ट्रेनों को रेलपथ पर प्राथमिकता नहीं मिलती, इसलिए वे अक्सर निर्धारित समय पर नहीं चल पातीं। जबलपुर से हरिद्वार और अयोध्या के लिए सप्ताह में एक-एक दिन चलने वाली ट्रेनें भी रास्ते में लेट होती हैं। नियमित होने पर उनकी समयबद्धता सुधरेगी। निर्धारित समय पर गंतव्य तक पहुंचने से श्रृद्धालुओं के यात्रा कार्यक्रम में अनिश्चितता समाप्त होगी। रेल अधिकारियों के अनुसार, ट्रेनों को नियमित करने का निर्णय रेलवे बोर्ड स्तर पर होता है। आदेश मिलने के बाद उनकी श्रेणी बदलकर नियमित संचालन शुरू किया जाएगा।
कोयंबटूर और अगरतला ट्रेनों का किराया (रुपये में, स्पेशल से नियमित)
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