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हाई कोर्ट ने कसा शिकंजा, बिना नाम, एनरोलमेंट नंबर और मोबाइल के अब नहीं चलेगी कोर्ट स्लिप

न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष भैयाजी ठाकुर व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ अधिवक्ताओं ने हस्तक्षेप आवेदन स्वीक...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 10 Jul 2026 12:10:18 PM (IST)Updated Date: Fri, 10 Jul 2026 12:10:18 PM (IST)
हाई कोर्ट ने कसा शिकंजा, बिना नाम, एनरोलमेंट नंबर और मोबाइल के अब नहीं चलेगी कोर्ट स्लिप
अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में होगी।

HighLights

  1. परीक्षण में प्रस्तुत कोर्ट स्लिप पर केवल हस्ताक्षर थे
  2. अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए जाएंए
  3. सूचना काज लिस्ट में भी प्रकाशित की जाएगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कोर्ट स्लिप के जरिए मामलों की लिस्टिंग कराने की अपारदर्शी व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि अब प्रत्येक कोर्ट स्लिप पर संबंधित अधिवक्ता का पूरा नाम, एनरोलमेंट नंबर और मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य होगा।

वकालतनामा दाखिल कर रखा है

इस संबंध में सभी अधिवक्ताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे और सूचना काज लिस्ट में भी प्रकाशित की जाएगी।

दरअसल, न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष भैयाजी ठाकुर व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुछ अधिवक्ताओं ने हस्तक्षेप आवेदन स्वीकृत हुए बिना ही वकालतनामा दाखिल कर रखा है।

परीक्षण में प्रस्तुत कोर्ट स्लिप पर केवल हस्ताक्षर थे

इसके बावजूद वे कोर्ट स्लिप के माध्यम से लगातार प्रकरण की लिस्टिंग का आग्रह कर रहे थे। न्यायालय ने रिकार्ड का परीक्षण किया तो पाया कि प्रस्तुत कोर्ट स्लिप पर केवल हस्ताक्षर थे, लेकिन अधिवक्ता का नाम, एनरोलमेंट नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज नहीं था।


रजिस्ट्रार को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए

अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए रजिस्ट्रार को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए।इसी मामले में राज्य शासन और निजी पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर के रूप में चार सप्ताह का समय दिया गया है।

अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में होगी

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके बाद जवाब दाखिल करने का अधिकार स्वतः समाप्त हो जाएगा। अगली सुनवाई 10 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले सप्ताह में होगी। तब तक अंतरिम राहत प्रभावी रहेगी।

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