हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जबलपुर के बंगला नंबर-5 का 26 साल पुराना बेदखली आदेश निरस्त; प्रशासन नहीं दे सका साक्ष्य
कैंट क्षेत्र स्थित अंग्रेजों के समय के बंगला नंबर पांच से जुड़े मामले में उच्च न्यायालय ने 26 वर्ष पुराना बेदखली आदेश निरस्त कर दिया। ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 29 Mar 2026 08:49:40 PM (IST)Updated Date: Sun, 29 Mar 2026 08:49:40 PM (IST)
जबलपुर हाई कोर्ट का बड़ा फैसलाHighLights
- 26 साल पुराना बेदखली आदेश हुआ निरस्त
- अवैध निर्माण साबित नहीं कर सका प्रशासन
- हाई कोर्ट ने एस्टेट आफिसर के आदेश रद्द किए
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कैंट क्षेत्र स्थित अंग्रेजों के समय के बंगला नंबर पांच से जुड़े मामले में उच्च न्यायालय ने 26 वर्ष पुराना बेदखली आदेश निरस्त कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रशासन अवैध निर्माण साबित नहीं कर सका और बिना ठोस साक्ष्य किसी निर्माण को अवैध नहीं माना जा सकता।
एस्टेट आफिसर के आदेश रद्द
प्रशासनिक न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने डिफेंस एस्टेट आफिसर के 12 जुलाई 2000 और 5 मार्च 2002 के आदेशों को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने कहा कि अधीनस्थ अदालत का फैसला अनुमान पर आधारित था और ठोस साक्ष्य के अभाव में उसे सही नहीं माना जा सकता।
पुराना मकान खरीदने का मामला
याचिकाकर्ता आईडी दवांडे की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि उन्होंने बंगला नंबर पांच परिसर में स्थित लगभग 1000 वर्गफीट का पुराना मकान खरीदा था, जो अंग्रेज कैप्टन हिक्सन के बंगले के नाम से जाना जाता है।
मरम्मत को बताया गया था निर्माण
याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्होंने कोई नया निर्माण नहीं किया, बल्कि केवल मरम्मत कर मकान को रहने योग्य बनाया। इसके बावजूद 8 अप्रैल 1999 को नोटिस जारी कर 12 जुलाई 2000 को बेदखली का आदेश दे दिया गया।
अपील खारिज होने के बाद हाई कोर्ट पहुंचे
इस आदेश के खिलाफ दायर अपील को अपर जिला न्यायाधीश की अदालत ने 2002 में खारिज कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जिस पर अब फैसला आया है।
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