
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। दीनदयाल चौक स्थित डिकासा पब में संचालक और उसके साथियों ने दो युवकों को पब के भीतर बंधक बनाकर मारपीट की। युवकों पर राइफल से जानलेवा वार किया। दोनों को बुरी तरह से पीट-पीटकर अधमरा किया और सड़क पर फेंक दिया।
इतना ही नहीं, दोनों के खिलाफ माढ़ोताल थाने में फर्जी एफआइआर तक दर्ज करा दी। यह जानकारी घायलों के स्वजन को लगी, तो वे मंगलवार को माढ़ोताल थाने पहुंचे और पूरी घटना बताई। जिस पर पुलिस ने पब संचालक समेत पांच नामजद और चार अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
हनुमानताल भानतलैया निवासी अंकित सोनकर उर्फ देवा और अप्पू सोनकर 31 जनवरी की रात डिकासा पब गए। वहां मौजूद मैनेजर दीपेश सोनकर ने दोनों को प्रवेश देने से मना कर दिया। तभी संचालक सुखेन्द्र तिवारी साथी आकाश करिया, विकास शेट्ठी, अंकुर डागौर समेत चार बाउंसर्स के साथ वहां पहुंचा।
सभी ने अंकित और अप्पू को पकड़ा और भीतर की ओर ले गए। वहां दोनों को बंधक बना लिया। सुखेन्द्र ने राइफल से अंकित के चेहरे पर वार किया। वहीं अप्पू से भी सभी ने मारपीट की। दोनों अधमरे हो गए, तो उन्हें निकाला और सड़क पर फेंक दिया। होश आने पर दोनों वहां से चले गए।
मामला यहीं नहीं थमा। सुखेन्द्र के कहने पर मैनेजर दीपक एक जनवरी को माढ़ोताल थाने पहुंचा। जहां पुलिस को गुमराह कर अंकित और अप्पू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। यह जानकारी अंकित के पिता अशोक सोनकर को लगी, तो वे पुलिस अफसरों के पास पहुंचे। जहां पूरी घटना बताई।
वहां से उन्हें माढ़ोताल थाने भेजा गया। इन पर दर्ज हुई एफआइआर माढ़ोताल थाने में अशोक सोनकर की रिपोर्ट पर संचालक सुखेन्द्र तिवारी, मैनेजर दीपेश तिवारी, आकाश करिया, विकास शेट्टी, अंकुर डागौर समेत चार बाउंसर्स के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया।
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पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आखिरकार सुखेन्द्र ने किसकी रायफल से अंकित पर हमला किया था। मामले में राइफल जब्ती और उसके लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
बता दें कि इससे पहले भी डिकासा पब में विवाद के मामले सामने आ चुके हैं। देर रात तक पब खुला रहता है। आधी रात के बाद तक वहां शराब परोसी जाती है।