
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट में बुधवार से ओबीसी आरक्षण के प्रकरण की अंतिम स्तर की सुनवाई शुरू हुई। गुरुवार को दोपहर तीन बजे से नियमित सुनवाई होगी। पहले दिन पुलिस ने ओबीसी के होल्ड अभ्यर्थियों को कोर्ट परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।
ओबीसी के कई अभ्यर्थियों ने महाधिवक्ता के निज निवास से हाई कोर्ट परिसर तक पैदल सफर किया। ओबीसी के होल्ड अभ्यर्थियों को मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में सुरक्षा अधिकारियों ने प्रवेश करने से रोक दिया। सुनवाई में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। ओबीसी आरक्षण के विरुद्ध दायर याचिकाओं में याचिका करता के अधिवक्ताओ की बहस आरंभ हो गई है।
ओबीसी आरक्षण के खिलाफ दायर याचिकाओं का कल नियमित रूप से पुनः सुनवाई गुरुवार को होगी।उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष ओबीसी आरक्षण के मामले पर अंतिम सुनवाई विगत दिनों टल गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की याचिकाओं का रिकार्ड पेश नहीं होने के कारण यह कदम उठाया गया था। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य शासन को सुप्रीम कोर्ट से रिकार्ड ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए थे। ये दस्तावेज अपलोड होने के बाद ही सुनवाई शुरू होगी, यह व्यवस्था दी गई थी। कोर्ट ने 13, 14 और 15 मई को अंतिम सुनवाई करने के निर्देश दिए थे।
दरअसल, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसफर हुई चार लंबित याचिकाओं की अब तक लिस्टिंग नहीं की गई थी। ओबीसी आरक्षण मामले की सुनवाई 27, 28 और 29 अप्रैल को लगातार होनी थी, लेकिन दूसरे दिन ही तकनीकी कारणों के चलते यह टल गई। 27 अप्रैल को कोर्ट ने सभी पक्षों केहै अधिवक्ताओं के लिए बहस की समयसीमा तय कर दी थी। 28 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट में जीएडी का 27 अप्रैल, 2026 का आदेश प्रस्तुत किया था।
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