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    हाई कोर्ट ने कहा- जवाब सुने बिना नहीं चलेगा बुलडोजर, लगाई रोक

    याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देने, उसके जवाब पर विधिसम्मत निर्णय लेने और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
    Publish Date: Fri, 19 Jun 2026 01:09:54 PM (IST)Updated Date: Fri, 19 Jun 2026 01:23:57 PM (IST)
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    हाई कोर्ट ने कहा- जवाब सुने बिना नहीं चलेगा बुलडोजर, लगाई रोक
    न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सागर निवासी महेंद्र कुमार नवैया को राहत।नईदुनिया

    HighLights

    1. 29 मई, 2025 के ध्वस्तीकरण नोटिस के जवाब में प्रतिवेदन दिया था
    2. संबंधित भूमि उसके पिता को पट्टे पर मिली थी
    3. वह वर्तमान में उसका वैध उत्तराधिकारी व कब्जाधारी है।

    नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सागर निवासी महेंद्र कुमार नवैया को राहत देते हुए उनकी संपत्ति के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के जवाब और दस्तावेजों पर विचार किए बिना कोई कठोर कार्रवाई न की जाए।

    विचार किए बिना ही मकान तोड़ने लगे

    याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने दलील दी कि 29 मई, 2025 के ध्वस्तीकरण नोटिस के जवाब में विस्तृत प्रतिवेदन दिया गया था, लेकिन उस पर विचार किए बिना ही मकान तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि संबंधित भूमि उसके पिता को पट्टे पर मिली थी और वह वर्तमान में उसका वैध उत्तराधिकारी व कब्जाधारी है।


    ध्वस्तीकरण मामलों में जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें

    सुनवाई के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता के जवाब और दस्तावेजों की जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा ध्वस्तीकरण मामलों में जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।

    कोई ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी

    हाई कोर्ट ने रेलवे अधिकारियों को याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देने, उसके जवाब पर विधिसम्मत निर्णय लेने और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय होने तक विवादित संपत्ति के विरुद्ध कोई ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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