जबलपुर-चांदाफोर्ट सुपरफास्ट दौड़ रही खाली, नागपुर तक जाए तो यात्रियों को मिले राहत और रेलवे को फायदा
जबलपुर-चांदाफोर्ट सुपरफास्ट ट्रेन के आरक्षित कुर्सीयान लगातार खाली दौड़ रहे हैं। इसके चलते हाल ही में ट्रेन के कुछ आरक्षित कोच हटाकर अनारक्षित कोचों क ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 10:48:37 AM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 11:03:59 AM (IST)
जबलपुर से नागपुर के लिए अब चार रेलमार्ग उपलब्ध है। - प्रतीकात्मक तस्वीरHighLights
- वर्तमान में जबलपुर और नागपुर के बीच कोई इंटरसिटी ट्रेन सेवा नहीं है
- यात्री ट्रेन को चांदाफोर्ट की जगह नागपुर तक चलाने की मांग कर रहे हैं
- ऐसे में यह ट्रेन यात्रियों के लिए सुगम आवाजाही का विकल्प बन सकती है
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर-गोंदिया ब्राडगेज बनने के बाद शुरू की पहली इंटरसिटी ट्रेन सेवा यात्रियों की कमी से जूझ रही है। मामला जबलपुर-चांदाफोर्ट सुपरफास्ट ट्रेन का है। यात्री नहीं मिलने से यह ट्रेन रेल मंडल की सबसे घाटे वाली गाड़ी है। शुरुआत से ही जबलपुर-चांदाफोर्ट के बीच सीधे यात्रियों की कमी से जूझ रही ट्रेन को अब बीच के स्टेशनों से भी पर्याप्त यात्री नहीं मिल रहे हैं।
ट्रेन के आरक्षित कुर्सीयान निरंतर खाली दौड़ रहे है। इसके चलते हाल ही में ट्रेन के कुछ आरक्षित कोच हटाकर अनारक्षित कोचों की संख्या बढ़ाई गई है। इसके बावजूद ट्रेन में यात्री नहीं चढ़ रहे है। यात्री इस ट्रेन को चांदाफोर्ट की जगह नागपुर तक चलाने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में जबलपुर-नागपुर के बीच कोई इंटरसिटी ट्रेन सेवा नहीं है।
जानकारों का मानना है यदि ट्रेन को नागपुर तक दौड़ाया जाएं तो लोग सुबह जबलपुर से जाकर शाम को वापस घर लौट सकेंगे। यह यात्रियों के लिए सुगम आवाजाही का विकल्प होगा। यात्रियों से रेलवे को भी राजस्व मिलेगा।
गोंदिया के रास्ते छह घंटे में नागपुर
जबलपुर से गोंदिया के रास्ते रेल मार्ग से नागपुर सबसे नजदीकी है। बालाघाट-भंडारा होकर लगभग 365 किलोमीटर कुल दूरी है। यात्री चाहते है कि चांदाफोर्ट की जगह इस इंटरसिटी सुपरफास्ट को गोंदिया से नागपुर भेजा जाए।
इस रेलमार्ग से जबलपुर-नागपुर के बीच यात्रा छह से सात घंटे में पूरी होगी। अभी जबलपुर से भोर में नागपुर के लिए कोई ट्रेन नहीं है। वापसी में भी अपरान्ह में नागपुर से कोई ट्रेन नहीं होने से फ्लाइट कनेक्टविटी वाले यात्रियों को जबलपुर आने बसों की यात्रा के लिए विवश होना पड़ता है।
यहां अभी कोई सीधी ट्रेन नहीं
जबलपुर से नागपुर के लिए अब चार रेलमार्ग उपलब्ध है। इसमें सबसे लंबा लगभग 543 किलोमीटर का रास्ता इटारसी-बैतूल होकर है। जिसमें अमरावती एक्सप्रेस चलती है। नैनपुर-सिवनी-छिंदवाड़ा, बालाघाट-कटंगी-तुमसर होकर भी नागपुर का रेल रास्ता है।
चार कारण से पिट रही ट्रेन
- बल्लारहशाह तक कनेक्टविटी देने के लिए चांदाफोर्ट इंटरसिटी शुरू की गई थी। लेकिन कनेक्टिंग ट्रेन की कमी और चांदाफोर्ट में उतरकर बल्लारशाह तक जाने की झंझट से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को ट्रेन रास नहीं आई।
- चांदाफोर्ट सुपरफास्ट सप्ताह में तीन दिन संचालित होती है। इससे लगभग पौन घंटा पूर्व जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी प्रतिदिन संचालित होती है। वापसी में भी चांदाफोर्ट सुपरफास्ट के आगे-आगे गोंदिया से कुछ मिनटों के अंतराल में रायपुर इंटरसिटी चलती है।
- चांदाफोर्ट का सुपरफास्ट और रायपुर इंटरसिटी का एक्सप्रेस का दर्जा है, जिसके कारण रायपुर इंटरसिटी का यात्री किराया अपेक्षाकृत कम है। इसलिए यात्री नैनपुर, बालाघाट, गोंदिया की यात्रा के लिए रायपुर इंटरसिटी को प्राथमिकता देते है।
- दोनों दोनों ट्रेन आधे रास्ते (जबलपुर से गोंदिया स्टेशन) तक की दूरी लगभग बराबर समय में पूरी करती है। वापसी में चांदाफोर्ट सुपरफास्ट से रायपुर इंटरसिटी अपेक्षाकृत कम समय में जबलपुर पहुंचती है, लेट भी होती है।
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