हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने धर्मशास्त्र नेशनल ला यूनिवर्सिटी को जारी किया नोटिस
दलील दी गई कि जिस विश्वविद्यालय में देश के भविष्य के वकीलों को प्राकृतिक न्याय और सुनवाई का अधिकार पढ़ाया जाता है, वहीं सुनवाई के पहले फैसला क्यों सुन ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 21 May 2026 08:10:00 AM (IST)Updated Date: Thu, 21 May 2026 08:10:00 AM (IST)
HighLights
- विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए बिना आउटसोर्सिंग सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई का मामला
- चार नवंबर, 2025 को अनुशासन समिति ने याचिकाकर्ता को ई-मेल भेजा गया था
- प्रशासन ने बिना विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने धर्मशास्त्र नेशनल ला यूनिवर्सिटी (डीएनएलयू) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जाने के मामले में राज्य शासन व डीएनएलयू को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
याचिका में आरोप लगाए
याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी आउटसोर्सिंग सुपरवाइजर आशीष पाठक द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बिना विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी।
हम आपको कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करेंगे
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अच्युत गोविन्दम तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि चार नवंबर, 2025 को अनुशासन समिति ने याचिकाकर्ता को ई-मेल भेजकर कहा कि हम आपको कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करेंगे, बस शिकायतों का वर्जन भेज दीजिए और चीजों को जटिल मत बनाइए।