
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नगर निगम द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित उद्योगों से संपत्ति कर वसूली के प्रयास एक बार फिर तेज किए जाने के बाद उद्योगपतियों में नाराजगी बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को रिछाई स्थित महाकौशल उद्योग संघ कार्यालय में संघ की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नगर निगम की कार्यप्रणाली का विरोध करते हुए आगे की रणनीति तय की गई।
संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डीआर जेसवानी ने बताया कि नगर निगम पिछले कई वर्षों से औद्योगिक इकाइयों से संपत्ति कर वसूलने का प्रयास कर रहा है। हाल ही में नगर निगम के द्वारा पुनः संपत्ति कर का भुगतान करने के नोटिस वितरित करना प्रारंभ कर दिया है। नगर निगम की इस तरह की वादाखिलाफी और अवैधानिक कर वसूली के प्रयास से उद्योगपतियों में रोष व्याप्त है।
महाकौशल उद्योग संघ के द्वारा एक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पिछले वर्ष उद्योगपतियों के द्वारा जमा की गई संपत्ति कर की वापसी हेतु नगर निगम में आवेदन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस वर्ष किसी प्रकार का संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया जाएगा। यदि नगर निगम के द्वारा अनैतिक कार्यवाही की गई तो उसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरज़ोर विरोध किया जाएगा।
यह भी निर्णय लिया गया के स्थाई समाधान हेतु शीघ्र ही भोपाल स्थित उच्चाधिकारियों से भेंट कर समस्या के निदान के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही संकल्प लिया गया कि सभी उद्योगपति एकता बनाए रखेंगे। बैठक में अतुल गुप्ता, अशोक परियानी, प्रवीण कुमार शर्मा, भानु शुक्ला, अनिल गुप्ता, के. के. गुप्ता, मनीष पटेल, कपिल खत्री, बीके नेमा, रामगोपाल अग्रवाल, एन के श्रीवास्तव, अभिषेक शुक्ला सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति उपस्थित रहे।