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एमडीआर शुल्क के विरोध में 23 सितंबर को जबलपुर के व्यापारी व जनसंगठन मनाएंगे ‘ नो यूपीआई डे’

भारतीय उद्योग व्यापार मंडल अपने प्रतिष्ठानों में यूपीआइ के माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं करने का आह्वान किया है। डिजिटल भुगतान पर लगने वाले अतिरिक्त श...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 08:58:53 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 08:58:53 PM (IST)
एमडीआर शुल्क के विरोध में 23 सितंबर को जबलपुर के व्यापारी व जनसंगठन मनाएंगे ‘ नो यूपीआई डे’
मंच के डाॅ पीजी नाजपांडे ने बताया कि दो हजार रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई व्यापारी लेन-देन पर एमडीआर लागू होने से भुगतान व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर असंतोष गहराने लगा
  2. 12:30 बजे सिविक सेंटर में प्रदर्शन करने का ऐलान
  3. कुटीर उद्योग से जुड़े छोटे कारोबारियों पर आर्थिक दबाव

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। यूपीआई के माध्यम से दो हजार रुपये से अधिक के लेन-देन पर लगाए जा रहे अतिरिक्त एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) शुल्क को लेकर व्यापारियों व जनसंगठनों में असंतोष गहराने लगा है।

सिविक सेंटर में प्रदर्शन करने का ऐलान

सरकार के इस निर्णय के विरोध में बुधवार को ‘नो यूपीआई डे’ मनाया जाएगा। वहीं नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शन मंच व अन्य जनसंगठनों दोपहर 12:30 बजे सिविक सेंटर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

अतिरिक्त शुल्क आर्थिक परेशानी बढ़ाएगा

संगठन का कहना है कि छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों पर पहले से ही महंगाई और बढ़ती लागत का दबाव है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ा सकता है।

16 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री को भेजा पत्र

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश जैन और प्रदेश महामंत्री प्रवीण जैन द्वारा 16 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि, सोना-चांदी सहित कई मूल्यवान धातुओं के दाम बढ़ने से आभूषण एवं कुटीर उद्योग से जुड़े छोटे कारोबारियों पर पहले से आर्थिक दबाव है।

ग्राहकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता

यूपीआई लेन-देन पर अतिरिक्त एमडीआर शुल्क लगने से व्यापार की लागत बढ़ेगी। ग्राहकों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े।


भुगतान व्यवस्था पर असर

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच सहित विभिन्न जनसंगठनों ने बुधवार को ‘नो यूपीआई डे’ मनाकर शुल्क व्यवस्था के विरोध में अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मंच के डाॅ पीजी नाजपांडे ने बताया कि दो हजार रुपये से अधिक के कुछ यूपीआई व्यापारी लेन-देन पर एमडीआर लागू होने से भुगतान व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसे लेकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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