एमपी के जंगलों में 'कैनाइन डिस्टेंपर' की दस्तक, नरसिंहपुर की मादा तेंदुआ संक्रमित; श्वानों से फैला घातक वायरस
नरसिंहपुर जिले के करेली वन क्षेत्र से पकड़ी गई एक मादा तेंदुआ कैनाइन डिस्टेंपर से संक्रमित मिली है। ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 30 Mar 2026 10:14:51 PM (IST)Updated Date: Mon, 30 Mar 2026 10:14:51 PM (IST)
नरसिंहपुर की मादा तेंदुआ संक्रमित( फाइल फोटो)HighLights
- तेंदुए में कैनाइन डिस्टेंपर की पुष्टि
- श्वानों से फैला संक्रमण बताया गया
- वन विभाग ने शुरू किया अभियान
अतुल शुक्ला, नईदुनिया, जबलपुर। नरसिंहपुर जिले के करेली वन क्षेत्र से पकड़ी गई एक मादा तेंदुआ कैनाइन डिस्टेंपर से संक्रमित मिली है। जबलपुर के वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट में चल रहे इलाज के दौरान डाक्टरों को इसकी जानकारी लगी। यह बीमारी आमतौर पर श्वानों में पाई जाती है।
संक्रमण से बिगड़ी हालत
जांच में सामने आया कि संक्रमण के कारण मादा तेंदुए की हालत बिगड़ रही थी और वह सामान्य व्यवहार नहीं कर पा रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगल में आवारा श्वानों का शिकार करने के कारण यह वायरस तेंदुए तक पहुंचा।
वन विभाग ने बढ़ाई सतर्कता
घटना के बाद वन विभाग ने वन क्षेत्रों में घूम रहे आवारा श्वानों को हटाने के लिए अभियान तेज कर दिया है। तेंदुए में मिली बीमारी ने नेशनल पार्क प्रबंधन की चिंता बढ़ा दी है। संभवतः प्रदेश में यह दूसरा मामला है। इससे पहले सिवनी में एक तेंदुए में इस बीमारी के लक्षण मिले थे।
शिकार करने की क्षमता पर असर
इस बीमारी से तेंदुआ शिकार करने की क्षमता तक खो सकता है। चिंताजनक यह भी है कि इस वायरस के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है।
जांच में मिली पुष्टि
बीमार तेंदुए का नियमित इलाज जारी है। तेंदुए के ब्लड और नाखून के सैंपल लेकर जांच की गई, जिसमें कैनाइन डिस्टेंपर के लक्षण मिले हैं। डॉ. शोभा जावरे, डायरेक्टर, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट वेटरनरी विवि जबलपुर ने इसकी पुष्टि की है।