नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू रसोई गैस की सप्लाई व्यवस्था एक बार फिर चरमरा गई है। शादी-ब्याह के सीजन के चलते एलपीजी की मांग में अचानक तेज वृद्धि हुई है, लेकिन सीमित सप्लाई के कारण उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि उपभोक्ता 25 दिन बाद सिलिंडर बुक कर पा रहे हैं, लेकिन डिलीवरी में 10 से 12 दिन की अतिरिक्त देरी हो रही है।
इस प्रकार, जो सिलिंडर 25 दिन में मिलना चाहिए, वह 35 से 40 दिन बाद भी मुश्किल से मिल रहा है। एक उपभोक्ता ने बताया कि 25 दिन पूरे होने के बाद दो से तीन दिन में सिलिंडर बुक होता है, इसके बाद 10 से 12 दिन बाद डिलेवरी कोड मोबाइल पर आता है। इसके दो दिन बाद सिलिंडर पहुंचाने के लिए हाकर का फोन आता है। बुकिंग के बाद लगभग 15 दिन में ही सिलिंडर पहुंच रहा है।
पेंडेंसी चार हजार के पार
गैस एजेंसियों में पेंडेंसी तेजी से बढ़कर चार हजार के पार पहुंच चुकी है। जबलपुर की करीब 135 गैस एजेंसियों में से अधिकांश के पास पर्याप्त स्टाक नहीं है। रांझी और अधारताल जैसे क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
बुधवार को रांझी में स्थित गैस एंजेसी में भी यही हालात देखे गए। सप्लाई कंपनियां अभी भी लगभग 80 प्रतिशत क्षमता से ही गैस उपलब्ध करा रही हैं, जिससे घरेलू खपत का संतुलन बिगड़ गया है।
यहां सबसे ज्यादा हालात खराब
गैस सिलिंडर घर नहीं पहुंचने में सबसे ज्यादा अधारताल, घमापुर, गढ़ा, रांझी, पनागर, कटंगी, पाटन, गोरखपुर, विजय नगर, रसल चौक और गोराबाजार सहित कई इलाकों के उपभोक्ता परेशान हैं।
एजेंसियों में पेंडेंसी की स्थिति
- उद्यम गैस एजेंसी, मदनमहल : 3527
- शिवशांति गैस, पनागर : 3310
- संस्कारधानी गैस, शिवनगर : 3189
- शरद गैस, बरेला : 3216
- महाकौशल गैस, शास्त्री ब्रिज : 3183
- कविता गैस, पनागर : 2354
यह भी पढ़ें : भोपाल गैस सिलिंडर फर्जीवाड़ा: बिना OTP के 300 सिलिंडर गायब, कतार में खड़े 17 हजार उपभोक्ता
समाधान की जरूरत
पहले हर दिन एलपीजी सिलिंडर का एक लोड (342 सिलिंडर से भरा एक ट्रक) आता था यानि 30 दिन में 30 लोड आते थे, वर्तमान में 15 से 18 लोड ही आ रहे हैं। जिससे सप्लाई की व्यवस्था बिगड़ी है। प्रशासन के साथ बैठकें तो बहुत हो चुकी, अब समाधान की जरूरत है। -तविंदर गुजराल, अध्यक्ष एलपीजी गैस एजेंसी एसोसिएशन