लग्जरी कार छोड़ 'पैदल' यूनिवर्सिटी पहुंचे कुलगुरू, पीएम मोदी की अपील का जबलपुर में जबरदस्त असर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऊर्जा बचत की अपील का असर तमाम देश की भांति जबलपुर में भी देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (एम ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 12 May 2026 08:17:59 PM (IST)Updated Date: Tue, 12 May 2026 08:17:59 PM (IST)
लग्जरी कार छोड़ 'पैदल' यूनिवर्सिटी पहुंचे कुलगुरू।HighLights
- लग्जरी कार छोड़ 'पैदल' यूनिवर्सिटी पहुंचे कुलगुरू
- पीएम मोदी की अपील का जबलपुर में जबरदस्त असर
- इमरजेंसी को छोड़कर पूल सिस्टम अनिवार्य
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऊर्जा बचत की अपील का असर तमाम देश की भांति जबलपुर में भी देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (एमयू) ने ईंधन की बचत मंगलवार से शुरू कर दी है।
विवि कुलगुरू शासकीय वाहन की जगह पैदल चलकर परिसर पहुंचे, शासकीय आवास लौटते समय भी उन्होंने ऐसा ही किया। इसी तरह कुलसचिव दोपहिया वाहन शेयर कर विवि पहुंचे। महत्वपूर्ण अन्य स्टाफ भी इस पहल में सहयोग कर रहा है।
कर्मचारियों ने बनाया व्हीकल पूल
कुलसचिव डॉ. पुष्पराज सिंह बघेल ने बताया कि विवि के 15 से 20 कर्मचारियों ने वाहनों का एक पूल बनाया है और सभी दोपहिया वाहन में सवार होकर दो-दो के पूल में विवि तक पहुंच रहे हैं। इससे पहले सोमवार को विवि प्रशासन ने एक बैठक कर सभी को अपने-अपने वाहन से कार्यालय आने की बजाय वाहनों को शेयर करने की बात की थी।
इसी का परिणाम है कि सभी एक-दूसरे के साथ वाहन शेयर कर रहे हैं। कुलगुरू डॉ. अशोक खंडेलवाल अपने सरकारी आवास से विवि तक एक किलोमीटर के सफर में शासकीय वाहन का उपयोग नहीं कर रहे हैं।
कुलसचिव ने की ई-व्हीकल की सवारी
इसी क्रम में कुलसचिव डॉ. पुष्पराज सिंह बघेल ने ई-व्हीकल की सवारी आरंभ कर दी है। सुबह उन्होंने एक अन्य कर्मी के साथ अपना वाहन शेयर किया, जबकि शाम को अपने निवास अकेले रवाना हुए। फिलहाल शीर्ष टीम ने सरकारी वाहन का सीमित उपयोग करने का निर्णय लिया है।
प्रशासन के सख्त निर्देश
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने नईदुनिया को बताया कि ऊर्जा बचत को लेकर जिला प्रशासन भी नए सिरे से प्रयासों में जुटा हुआ है, ताकि शासकीय वाहनों में ईंधन का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्यों में शासकीय वाहनों को लेकर निर्देश दिए गए हैं कि सभी पूल बनाकर वाहनों का उपयोग करें। यह व्यवस्था अब लागू कर दी गई है।