बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की मौतों पर MP हाईकोर्ट सख्त, फील्ड डायरेक्टर से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मध्य प्रदेश में बाघों की लगातार बढ़ती मौतों को लेकर हाई कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की यु ...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 11 Feb 2026 11:45:26 PM (IST)Updated Date: Wed, 11 Feb 2026 11:45:26 PM (IST)
MP हाईकोर्ट ने टाइगर रिजर्व में बढ़ती बाघों की मौत पर गंभीर रुख अपनाया है। फाइल फोटोHighLights
- हाई कोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
- जनवरी 2026 में नौ बाघों की मौत
- वर्ष 2025 में 54 मौतों का दावा
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने राज्य के टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के मामले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया।
जनहित याचिका में गंभीर आरोप
जनहित याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि बाघों की मौत का प्रमुख कारण अवैध शिकार है और संबंधित अधिकारी इस मुद्दे पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया गया कि केवल जनवरी 2026 में ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नौ बाघों की मौत हो चुकी है।
भोपाल निवासी वन्य प्राणी कार्यकर्ता अजय दुबे द्वारा दायर याचिका में वर्ष 2025 में प्रदेश में 54 बाघों की मौत का दावा किया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी और अधिवक्ता अलका सिंह ने दलील दी कि वर्ष 1973 में शुरू हुए प्रोजेक्ट टाइगर के बाद पहली बार किसी एक राज्य में एक वर्ष में इतनी अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।
प्रदेश में बढ़ता मौतों का आंकड़ा
याचिका के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश में कुल 222 बाघों की मौत हुई है। वर्ष 2021 में 34, 2022 में 43, 2023 में 45, 2024 में 46 और 2025 में 54 बाघों की मौत दर्ज की गई।
याचिका में बताया गया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में लगभग 57 प्रतिशत मौतें अप्राकृतिक परिस्थितियों में हुईं। इन घटनाओं में पोचिंग, करंट लगना, रेल हादसे और रहस्यमयी कारण शामिल हैं। हाल ही में उमरिया जिले के चंदिया रेंज में बिजली लाइन के पास एक टाइगर का शव मिलने से इलेक्ट्रोक्यूशन की आशंका जताई गई है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि विश्व में कुल 5,421 बाघ हैं, जिनमें से 3,167 भारत में पाए जाते हैं और मध्य प्रदेश में 785 बाघ मौजूद हैं, जिससे राज्य को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है।
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