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मुख्य सूची के अधिकारियों से ऊपर प्रतीक्षा सूची के अधिकारी को रखना पड़ा भारी, हाई कोर्ट ने वरिष्ठता आदेश निरस्त किए

याचिकाकर्ताओं ने इसे मेरिट सूची से 10 वर्ष बाद छेड़छाड़, प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी को मुख्य सूची से ऊपर रखने तथा प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन का मामला ...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 02 Jul 2026 11:38:55 AM (IST)Updated Date: Thu, 02 Jul 2026 11:38:55 AM (IST)
मुख्य सूची के अधिकारियों से ऊपर प्रतीक्षा सूची के अधिकारी को रखना पड़ा भारी, हाई कोर्ट ने वरिष्ठता आदेश निरस्त किए
यह मामला वर्ष 2008 की डिप्टी कलेक्टर भर्ती का है।

HighLights

  1. याचिकाकर्ता वर्तमान में कई जिलों में अपर कलेक्टर के रूप में पदस्थ
  2. कलेक्टर पद पर पदोन्नति (इंडक्शन) की प्रक्रिया में हैं शामिल
  3. उनकी वरिष्ठता मुख्य सूची के अधिकारियों से ऊपर कर दी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने 10 वर्ष बाद वरिष्ठता सूची में बदलाव कर मुख्य चयन सूची के अधिकारियों से ऊपर प्रतीक्षा सूची के अधिकारी को स्थान देने के शासन के आदेश निरस्त कर दिए।

अधिकारियों के सेवा अधिकार प्रभावित होते हैं

कोर्ट ने कहा कि जिन अधिकारियों के सेवा अधिकार प्रभावित होते हैं, उन्हें सुनवाई का अवसर दिए बिना ऐसा निर्णय नहीं लिया जा सकता। अधिवक्ता अमित सिंह ने दलील दी कि यह मामला वर्ष 2008 की डिप्टी कलेक्टर भर्ती का है।


इनका चयन मुख्य सूची से हुआ था

याचिकाकर्ताओं कृष्ण कुमार रावत, मुख्य महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम, भोपाल, महेताब सिंह गुर्जर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, रीवा, नेहा भारतीय, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय य अकादमी, भोपाल, सुरभि तिवारी, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश भोपाल व अतेन्द्र सिंह गुर्जर, अपर कलेक्टर, जिला उज्जैन का चयन मुख्य सूची से हुआ था।

2008 में ही कार्यभार ग्रहण किया था

उन्होंने 2008 में ही कार्यभार ग्रहण किया, प्रशिक्षण व परिवीक्षा पूरी की और 2008 बैच प्राप्त किया। दूसरी ओर तेजस्वी महीप का नाम प्रतीक्षा सूची में था। मुख्य सूची के एक अभ्यर्थी के जाइन नहीं करने पर उन्हें वर्ष 2010 में डिप्टी कलेक्टर नियुक्त किया गया और 2010 बैच आवंटित हुआ। वर्ष 2019 तक वरिष्ठता इसी आधार पर चलती रही।

उनकी वरिष्ठता मुख्य सूची के अधिकारियों से ऊपर कर दी

बाद में तेजस्वी महीप के आवेदन पर शासन ने बिना प्रभावित अधिकारियों को सुने उनकी वरिष्ठता मुख्य सूची के अधिकारियों से ऊपर कर दी। याचिकाकर्ताओं ने इसे मेरिट सूची से 10 वर्ष बाद छेड़छाड़, प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थी को मुख्य सूची से ऊपर रखने तथा प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन का मामला बताया।

वर्तमान में विभिन्न जिलों में अपर कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं

याचिकाकर्ताओं ने यह भी बताया कि वे वर्तमान में विभिन्न जिलों में अपर कलेक्टर के रूप में पदस्थ हैं और कलेक्टर पद पर पदोन्नति (इंडक्शन) की प्रक्रिया में शामिल हैं। ऐसे में वरिष्ठता में यह बदलाव उनके कैरियर और पदोन्नति पर सीधा प्रभाव डालता है। कोर्ट ने 2019 और 2020 के आदेश निरस्त कर शासन को सभी पक्षों की सुनवाई के बाद 30 दिन के भीतर नया, कारणयुक्त आदेश पारित करने के निर्देश दिए।

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