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साढ़े चार माह बाद याद आई 600 रुपये में कैसे खरीदें दो यूनिफाॅर्म? जबलपुर में बच्‍चों के खातों में आएगी राशि

स्कूल में रोजाना पहनने के लिए एक यूनीफॉर्म पर्याप्त नहीं होती। ऐसे में अभिभावकों को दूसरी यूनीफॉर्म की व्यवस्था भी करनी पड़ती है, जबकि शासन की ओर से मिलने वाली राशि बाजार में कपड़ों की मौजूदा कीमतों के हिसाब से नाकाफी साबित हो सकती है।

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 09:35:20 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 09:43:37 PM (IST)
साढ़े चार माह बाद याद आई 600 रुपये में कैसे खरीदें दो यूनिफाॅर्म? जबलपुर में बच्‍चों के खातों में आएगी राशि
एकलव्य विद्यालय और कन्या शिक्षा परिसर को शामिल नहीं किया गया है। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में खातों में आएगी राशि
  2. एक गणवेश पूरे साल चलाना बेहद मुश्किल है
  3. पहली से आठवीं तक विद्यार्थियों को राशि देनी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए गणवेश खरीदने की राशि जारी करने की तैयारी अब शुरू हुई है, लेकिन नए शिक्षण सत्र के साढ़े चार महीने बीतने के बाद शासन को इसकी याद आई है।

बच्चों के लिए दो यूनीफॉर्म कैसे खरीदी जाएंगी?

अप्रैल से शुरू हुए सत्र में अब अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में विद्यार्थियों के खातों में 600 रुपये पहुंचाने का प्रस्ताव है। सवाल यह है कि इतनी कम राशि में बच्चों के लिए दो यूनिफॉर्म कैसे खरीदी जाएंगी?

राशि का उपयोग बच्चों की जरूरतों पर हो, इसकी भी चुनौती

गणवेश के लिए राशि सीधे विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था बनाई गई है। हालांकि, इस व्यवस्था के सामने एक बड़ी चुनौती यह भी है कि कुछ अभिभावक राशि का उपयोग बच्चों की यूनीफॉर्म खरीदने के बजाय दूसरे कामों में कर लेते हैं।


पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी

इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता है और वे बिना पूरी गणवेश के स्कूल पहुंचने को मजबूर होते हैं। ऐसे में केवल राशि जारी करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि उसका उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए हो।

एजुकेशन पोर्टल पर सत्यापन के निर्देश

राज्य शिक्षा केंद्र के निर्णय के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शासकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को गणवेश की राशि प्रदान की जानी है। इसमें एकलव्य विद्यालय और कन्या शिक्षा परिसर को शामिल नहीं किया गया है।

  • शासन ने प्रति विद्यार्थी 600 रुपये की दर से राशि जारी करने का निर्णय लिया है।
  • इसके लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर विद्यार्थियों की जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है।
  • स्कूल प्रभारी और बीआरसीसी को विद्यार्थियों के विवरण की जांच करअप्रूव या रिजेक्ट करेंगे।
  • अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में विद्यार्थियों और पालकों के खातों में राशि जारी की जा सकती है।

महंगाई के हिसाब से बढ़ाई जाए राशि

गणवेश की राशि को लेकर अभिभावकों की चिंता यह है कि 600 रुपये में दो यूनीफॉर्म की व्यवस्था करना आसान नहीं है। कपड़े की कीमत, सिलाई और अन्य खर्चों को देखते हुए यह राशि कम पड़ सकती है। वहीं, बच्चों को पूरे साल साफ-सुथरी यूनीफॉर्म में स्कूल भेजने के लिए कम से कम दो जोड़ी कपड़ों की जरूरत होती है।

राशि बढ़ाने पर विचार करना चाहिए

ऐसे में शासन को गणवेश की राशि बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। इसके साथ ही बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और त्वचा के अनुकूल कपड़े उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि कम कीमत के चक्कर में उनकी सेहत और सुविधा से समझौता न करना पड़े।

छात्राओं के लिए क्या है व्यवस्था?

गणवेश की राशि को लेकर छात्राओं के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। छात्राओं के लिए राशि और गणवेश की व्यवस्था को लेकर अलग से क्या प्रावधान किया गया है, इसे लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गणवेश की व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है।

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