
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मूक-बधिर दिव्यांग विशेष व्यक्तियों और विद्यार्थियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर द्वारा छह माह के विशेष सांकेतिक भाषा साप्ताहिक पाठ्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को कला निकेतन पॉलीटेक्निक काॅलेज में किया गया। साथ ही विधिक साक्षरता शिविर भी आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शक्ति वर्मा ने कहा कि पाठ्यक्रम का उद्देश्य मूक-बधिर दिव्यांगों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने तथा अपनी समस्याओं और आकांक्षाओं को शासन के सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाने में सक्षम बनाना है।
प्राधिकरण की सचिव बोलीं- मूक-बधिर से वे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित न रहें तथा आत्मनिर्भर बनकर समाज और देश की प्रगति में योगदान दे सकें।
कार्यक्रम में कला निकेतन पाॅलीटेक्निक काॅलेज के प्राचार्य एसके पांडे, व्याख्याता शैली धोपे, सांकेतिक भाषा प्रशिक्षक अक्षय सोनी, अनुश्री नेमा, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सत्कार अधिकारी व्यासमूनि यादव, आईटी आफिसर सत्येंद्र त्रिपाठी, रविंद्र गुर्जर सहित राज्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन और आभार प्रदर्शन काजल नीखरे ने किया।
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