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सोनम वांगचुक 22 जुलाई को अनशन समाप्‍त करने के लिए हो गए थे तैयार, विवेक तन्खा बोले-सरकार नहीं थी संवेदनशील

तन्खा के अनुसार वांगचुक 22 जुलाई को अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हो गए थे, उनकी चिंता आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर थी।

By Digital DeskEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Sat, 25 Jul 2026 11:31:08 PM (IST)Updated Date: Sat, 25 Jul 2026 11:35:57 PM (IST)
सोनम वांगचुक 22 जुलाई को अनशन समाप्‍त करने के लिए हो गए थे तैयार, विवेक तन्खा बोले-सरकार नहीं थी संवेदनशील
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा।

HighLights

  1. उनके इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की और अनशन समाप्त करने के लिए प्रेरित किया था।
  2. उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था।
  3. कि देश सोनम वांगचुक जैसे समर्पित नागरिक को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता।

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन के समाप्त होने में कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार समय पर संवेदनशीलता दिखाती, तो यह अनशन सात दिन पहले ही समाप्त हो जाता।

तन्खा के अनुसार वांगचुक 22 जुलाई को अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हो गए थे, उनकी चिंता आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मामलों को लेकर थी।

तन्खा ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने सरकार की ओर से वांगचुक के समक्ष कोई प्रस्ताव नहीं रखा और न ही वे मध्यस्थ थे।

दरअसल, विवेक तन्खा ने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए उनके इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की और अनशन समाप्त करने के लिए प्रेरित किया था।

उन्होंने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा था कि देश सोनम वांगचुक जैसे समर्पित नागरिक को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता।

वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के साथ कुछ सांसदों ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर वांगचुक को 65 सांसदों के हस्ताक्षरित पत्र भी सौंपा, जिसमें अनशन समाप्त करने का आग्रह किया गया था।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने भी वांगचुक से संवाद किया। कई दौर की बातचीत के बाद वांगचुक ने अनशन समाप्त किया।