सुप्रीम कोर्ट का आदेश, मध्य प्रदेश स्टेट बार चुनाव 30 अप्रैल तक कराएं
MP State Bar Election: सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया था कि एमपी स्टेट बार काउंसिल के चुनाव जुलाई, 2026 में होने हैं, जबकि वास्तव में यह चुनाव अक्टूबर, 2 ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 08 Feb 2026 08:58:38 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Feb 2026 09:04:20 AM (IST)
सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो।HighLights
- न्यायमूर्ति आरएस झा की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी करेगी निगरानी
- मौजूदा कार्यकारिणी के कार्यकाल में 18 माह की वृद्धि की मांग की गई थी
- इसको लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को पत्र भेजा गया था
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट ने एमपी स्टेट बार काउंसिल के चुनाव 30 अप्रैल तक कराने का आदेश पारित किया है। यह चुनाव पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएस झा की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी की निगरानी में होगा। दरअसल, अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के अध्यक्ष चंद्रकुमार वलेचा ने 2025 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिनकी ओर से अधिवक्ता दीपक पंजवानी ने पक्ष रखा।
उन्होंने एमपी स्टेट बार काउंसिल के उस प्रस्ताव का विरोध किया था, जिसके अंतर्गत बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) को पत्र भेजकर कोरोना काल में कार्य संपादित न होने के आधार पर मौजूदा कार्यकारिणी के कार्यकाल में 18 माह की वृद्धि की मांग की गई थी। हाई कोर्ट ने तर्क सुनने के बाद स्टेट बार के प्रस्ताव को अधिनियम के प्रविधानों के विपरीत पाकर क्रियान्वयन पर स्थगन दे दिया था।
16 अक्टूबर 2020 को शुरू हुआ था कार्यकाल
स्टेट बार व बीसीआई को नोटिस मिलने के बाद बीसीआई ने उक्त याचिका दिल्ली स्थानांतरित करने ट्रांसफर पिटीशन फाइल की, जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के समक्ष देश के अन्य स्टेट बार चुनावों के संबंध में याचिकाएं विचाराधीन हैं, जो एम वर्धन विरुद्ध भारत शासन की याचिका के साथ सुनी जा रही हैं।
लिहाजा, अधिवक्ता वलेचा ने उस याचिका में हस्तक्षेपकर्ता के रूप में आवेदन प्रस्तुत किया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया था कि एमपी स्टेट बार काउंसिल के चुनाव जुलाई, 2026 में होने हैं, जबकि वास्तव में यह चुनाव अक्टूबर, 2025 में नियत थे। ऐसा इसलिए क्योंकि कार्यकारिणी का कार्यकाल 16 अक्टूबर, 2020 को प्रारंभ हुआ था।