नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर: विशेष सशस्त्र बल की छठी बटालियन में सामने आए टीए घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों ने फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद डीडीओ के माध्यम से गुरुवार को ढाई करोड़ रुपये जिला कोषालय में जमा कराए। यह राशि साढ़े तीन करोड़ रुपये के कुल घोटाले का हिस्सा है, जबकि अभी भी करीब एक करोड़ रुपये कोषालय तक नहीं पहुंचे हैं।
ASI और आरक्षक ने रचा फर्जी TA बिलों का जाल
जांच में सामने आया कि बटालियन में पदस्थ रहते हुए ASI सत्यम शर्मा और आरक्षक अभिषेक ने फर्जी टीए और मेडिकल बिल प्रस्तुत किए। उन्होंने एक ही अवधि के लिए कई बार भुगतान ट्रांसफर कराया। संदेह से बचने के लिए पोर्टल पर ब्लैक एंड व्हाइट कॉपी अपलोड की गई, लेकिन स्टेट फाइनेंस इंटेलीजेंस सेल (एसएफआइसी) की जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया।
OTP के जरिए किया गया घोटाला
जांच में यह भी सामने आया कि सत्यम शर्मा और अभिषेक ने 1 जनवरी 2022 से 12 नवंबर 2025 के बीच बटालियन के अधिकारियों से धोखे से ओटीपी प्राप्त कर भुगतान स्वीकृत कराए। अधिकांश अपलोड किए गए बिलों में न तो तारीख अंकित थी और न ही आवक-जावक क्रमांक।
कई जवानों के खातों में पहुंचे लाखों रुपये
पुलिस के अनुसार आरक्षक अभिषेक झारिया ने 5,48,220 रुपये यात्रा भत्ता और 53,208 रुपये मेडिकल बिल पास कराए। उसके खाते में कुल 60,19,830 रुपये जमा हुए। इसके अलावा आरक्षक नीतेश पटेल के खाते में 30,62,816, नीतेश धुर्वे में 28,70,539, हवलदार देवेंद्र कुमार में 27,92,846, राहुल साहू में 33,19,699, आस्तिक शुक्ला में 24,88,036, देवेंद्र सिंह में 20,36,778, राकेश जोशी में 17,24,343, गुलशन सिंह में 14,98,496, जितेंद्र झारिया में 13,92,933, सुनील विश्वकर्मा में 12,70,937 और विशाल कुमार के खाते में 11,65,876 रुपये भेजे गए थे।