

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शिक्षकों की ई-अटेंडेंस व्यवस्था गुरुवार को उस समय परेशानी का सबब बन गई, जब हमारे शिक्षक एप का सर्वर ठप हो गया। स्कूल छूटने के बाद शिक्षक एप से लॉगआउट नहीं कर सके। मोबाइल में किसी को इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने तो किसी को सिग्नल नहीं मिलने का संदेश दिखाई दिया। सिग्नल तलाशने के लिए कोई स्कूल की छत पर चढ़ा तो कोई पेड़ और पहाड़ी तक पहुंच गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
शिक्षकों के अनुसार, कुछ मोबाइल में एप खोलने का प्रयास करने पर फोन हैंग होने की समस्या भी आई। शाम 4:30 से 5 बजे तक घर पहुंचने वाले कई शिक्षक लॉगआउट के प्रयास में रात 8 से 9 बजे तक परेशान होते रहे। उन्हें आशंका थी कि लॉगआउट नहीं होने पर उस दिन की उपस्थिति और वेतन प्रभावित हो सकता है।
कभी सुबह 9:30 बजे तो कभी 10:30 बजे तक अटेंडेंस का समय निर्धारित किया गया। स्कूल से वापसी के समय में भी बदलाव किए जाते रहे। गुरुवार को सर्वर की तकनीकी समस्या ने शिक्षकों की परेशानी और बढ़ा दी।
घंटों की परेशानी के बाद शाम 7 बजे के बाद लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से आदेश जारी किया गया कि हमारे शिक्षक एप में लॉगआउट प्रक्रिया में तकनीकी समस्या आ रही है। विद्यालय में लॉगिन कर चुके शिक्षकों का लॉगआउट सिस्टम द्वारा स्वत: कर दिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन को शिक्षकों को लॉगआउट को लेकर परेशान नहीं होने की सूचना देने के निर्देश दिए गए।
शिक्षकों का कहना है कि कुछ मिनट की देरी से स्कूल पहुंचने पर ई-अटेंडेंस प्रभावित होने के साथ वेतन पर भी असर पड़ सकता है। वहीं सर्वर खराब होने के कारण शिक्षक घंटों अतिरिक्त समय तक स्कूल या रास्ते में परेशान होते रहे। शिक्षकों ने मांग की है कि तकनीकी समस्या के कारण हुई देरी को देखते हुए उपस्थिति और वेतन प्रभावित न किया जाए तथा ई-अटेंडेंस में कुछ मिनट की देरी के लिए भी मानवीय आधार पर राहत दी जाए।
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