
नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर। सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए शिक्षा विभाग जिले में 'जन विश्वास' अभियान शुरू करने जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहेगा।
स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और संचालन की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान की शुरुआत 7 अगस्त से पनागर विकासखंड से होगी।
करीब 250 सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्तर पर इसकी सीधी मॉनिटरिंग होने के कारण स्कूलों में भी तैयारी तेज हो गई है।
निरीक्षण के लिए जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमें गठित की जा रही हैं। विकासखंडवार बनाई गई ये टीमें पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगी।
शिक्षा विभाग इसके लिए विशेष प्रोफार्मा तैयार कर रहा है, जिसमें स्कूलों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और आधारभूत व्यवस्थाओं का बिंदुवार मूल्यांकन दर्ज किया जाएगा।
अभियान के दौरान केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों का भी निरीक्षण किया जाएगा। रेंडम आधार पर होने वाले इस औचक निरीक्षण में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और सेवाओं की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया जाएगा।
निरीक्षण सुबह 9 बजे से शुरू होगा। इसके बाद उसी दिन संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित कर निरीक्षण में सामने आई कमियों और सुधार के सुझावों पर चर्चा की जाएगी, ताकि आवश्यक सुधार तत्काल शुरू किए जा सकें।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर संचालित इस अभियान की रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी जाएगी। जहां भी लापरवाही या अनियमितता मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
योगेश शर्मा, डीपीसी ने बताया कि अभियान की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। निरीक्षण के लिए आवश्यक प्रोफार्मा तैयार किया जा रहा है और सभी स्कूलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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