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जबलपुर का शहपुरा आरओबी बनने तक तीन वैकल्पिक मार्ग, पाटन रोड पर घटेगा यातायात का दबाव

इन मार्गों को भारी वाहनों और स्थानीय यातायात के अनुरूप विकसित करने के साथ मरम्मत, सुदृढ़ीकरण, संकेतक और बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए हैं।

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 13 Aug 2026 02:07:02 PM (IST)Updated Date: Thu, 13 Aug 2026 02:07:02 PM (IST)
जबलपुर का शहपुरा आरओबी बनने तक तीन वैकल्पिक मार्ग, पाटन रोड पर घटेगा यातायात का दबाव
भोपाल स्थित निवास कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक लेते मंत्री लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह। सौजन्‍य जनसंपर्क विभाग

HighLights

  1. वैकल्पिक रास्तों को सुरक्षित,आवागमन योग्य बनाएं
  2. 20 अगस्त और 15 सितंबर तक होंगे सुधार कार्य
  3. सुगम आवागमन उपलब्ध कराना प्राथमिकता

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहपुरा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के क्षतिग्रस्त एप्रोच के पुनर्निर्माण तक अब तीन वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित किया जाएगा। इससे फिलहाल पाटन रोड पर बढ़े यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।

सुगम आवागमन उपलब्ध ही प्राथमिकता

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि आरओबी के स्थायी समाधान तक नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।

निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किया जाए पुनर्निर्माण कार्य

भोपाल स्थित निवास कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में शहपुरा आरओबी के क्षतिग्रस्त एप्रोच के पुनर्निर्माण, तकनीकी परीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुनर्निर्माण कार्य गुणवत्ता और संरचनात्मक सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों के अनुरूप किया जाए।

पाटन रोड पर बढ़ गया था दबाव

आरओबी के क्षतिग्रस्त होने के बाद यातायात को पाटन रोड की ओर डायवर्ट किए जाने से इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया था। खासकर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण कई स्थानों पर यातायात नियंत्रित करने और सड़क की क्षमता बनाए रखने की चुनौती सामने आ रही थी। अब तीन वैकल्पिक मार्गों को व्यवस्थित करने से यातायात को अलग-अलग दिशाओं में बांटा जा सकेगा। इससे पाटन रोड पर वाहनों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है।


ये तीन वैकल्पिक मार्ग होंगे तैयार

शहपुरा-कृषि उपज मंडी-रेलवे लेवल क्रॉसिंग

करीब 4.80 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में मंडी परिसर के अंदर से लगभग 300 मीटर अस्थायी मार्ग का डामरीकरण कर इसे लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए जा रहे आरओबी के एप्रोच से जोड़ दिया गया है। स्थानीय यातायात इसका उपयोग कर सकेगा। कच्चे हिस्सों में आवश्यकता के अनुसार पीसीसी और पेवर ब्लाक लगाए जाएंगे तथा क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत होगी। संकेतक और बैरिकेडिंग भी की जाएगी। सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

जबलपुर-पाटन-शहपुरा मार्ग

करीब 36 किलोमीटर लंबा यह मार्ग मुख्य वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग में है। राष्ट्रीय राजमार्ग का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजर रहा है। जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां रोड शोल्डर निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। वाहन चालकों की सुविधा के लिए स्पष्ट और दूर से दिखाई देने वाले संकेतक लगाए जाएंगे। सभी आवश्यक सुधार कार्य 15 सितंबर 2026 तक पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

सहजपुर-किसरोद-टिपराह-नोनी-घुनसौर

करीब 6.50 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को भी यातायात के अनुकूल बनाया जाएगा। इसमें 3.18 किलोमीटर हिस्सा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आता है। मार्ग की मरम्मत, संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। सुधार कार्य 20 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आरओबी का निर्माण करने वाली एजेंसी डिबार

शहपुरा आरओबी के निर्माण में लापरवाही के मामले में संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रालि-मेसर्स सोराठिया वेलजी रत्ना कंपनी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम को 10 जून 2026 को डिबार किया जा चुका है। वहीं मेसर्स वागड़ इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्रालि के प्रबंध निदेशक विनोद जैन के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई गई है।

तीनों मार्गों की होगी लगातार निगरानी

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि वैकल्पिक मार्ग निर्धारित कर देना ही पर्याप्त नहीं है। इनकी लगातार निगरानी करनी होगी और भारी वाहनों के दबाव के अनुसार तत्काल मरम्मत और सुरक्षा उपाय करने होंगे। लोक निर्माण विभाग, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम, पुलिस और स्थानीय प्रशासन को समन्वय से यातायात व्यवस्था संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागों पर दी हर समय सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी

मंत्री बोले-आरओबी के स्थायी पुनर्निर्माण तक इन वैकल्पिक मार्गों की स्थिति सीधे तौर पर शहपुरा ही नहीं, बल्कि जबलपुर-पाटन मार्ग की यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित करेगी। इसलिए विभागों को इन रास्तों को हर समय सुरक्षित और आवागमन योग्य रखने की जिम्मेदारी दी गई है।

बैठक में मौजूद रहे

बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव, प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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