
नईदुनिया न्यूज, पिटोल (झाबुआ)। 25 मई को पिटोल चौकी पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम चौरा स्थित मोद नदी पुलिया पर एक व्यक्ति मोटरसाइकिल के साथ मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। मृतक के मुंह, दोनों हाथ, पीठ, कुल्हे एवं दाहिने पैर पर रगड़ एवं चोट के गंभीर निशान पाए गए।
सूचना मिलते ही पुलिस चौकी पिटोल की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और मर्ग क्रमांक 112/2026 कायम कर जांच प्रारंभ की। घटनास्थल एवं शव के निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
पुलिस जांच में यह सामने आया कि मृतक के साथ मारपीट कर उसकी हत्या की गई थी तथा अपराध को छिपाने के उद्देश्य से शव को मोद नदी पुल के समीप सड़क किनारे फेंककर उसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया था। इस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 505/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया एवं एसडीओपी झाबुआ कमलेश शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक आर.सी. भास्करे तथा चौकी प्रभारी पिटोल उपनिरीक्षक अशोक बघेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने सूझबूझ एवं तकनीकी जांच के आधार पर अज्ञात मृतक की पहचान रामचंद उर्फ रामसिंह पुत्र पांगू मचार, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम नागनखेड़ी के रूप में की। मृतक के परिजनों एवं रिश्तेदारों से गहन पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
जांच में पता चला कि मृतक की पहली पत्नी सुमा तथा उसके पुत्र (विधि विरुद्ध बालक) द्वारा “लाड़ी विवाद” को निपटाने के नाम पर मृतक से लगातार रुपयों की मांग की जा रही थी। मृतक द्वारा रुपये देने से इंकार करने पर दोनों ने मिलकर लट्ठ से उसकी बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपितों ने अपराध छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से रात के समय मृतक के शव को उसकी मोटरसाइकिल सहित मोद नदी पुल के किनारे फेंक दिया तथा मोटरसाइकिल को शव के ऊपर पटककर घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया।
पुलिस द्वारा दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लट्ठ भी जब्त कर लिया गया है।
इस अंधे कत्ल का सफलतापूर्वक पर्दाफाश करने में निरीक्षक आर.सी. भास्करे, चौकी प्रभारी पिटोल उपनिरीक्षक अशोक बघेल, प्रधान आरक्षक दिलीप डावर, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी साल्वे एवं आरक्षक अनसिंह की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
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