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कटनी के बहोरीबंद में पहाड़ को चीरकर निकाल रहे रास्ता, 20 किमी. का सफर होगा कम

इस बहुप्रतीक्षित मार्ग के बनने से क्षेत्र के लगभग 40 गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इस सड़क निर्माण की राह में सबसे बड़ा रोड़ा कै...और पढ़ें

By Mukesh TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 24 Aug 2026 10:59:23 PM (IST)Updated Date: Mon, 24 Aug 2026 10:59:23 PM (IST)
कटनी के बहोरीबंद में पहाड़ को चीरकर निकाल रहे रास्ता, 20 किमी. का सफर होगा कम
पहाड़ी से रास्ता बनने से कम होगी गांव की दूरी। सौजन्य विभाग

HighLights

  1. सबसे बड़ा रोड़ा कैमौर पर्वत श्रंखला का 25 मीटर ऊंचा और 350 मीटर चौड़ा पहाड़ है
  2. 3.73 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण को स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराया
  3. निर्माण की स्वीकृति के साथ ही ग्रामीणों की परेशानी कम होने की आस बंधी है

नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के दशकों पुराने बहुप्रतीक्षित और अत्यंत दुर्गम मार्ग के निर्माण की स्वीकृति के साथ ही ग्रामीणों की परेशानी कम होने की आस बंधी है। विधायक प्रणय पांडेय की पहल पर रामपाटन से हथियागढ़ के बीच शासन के लोक निर्माण विभाग ने पांच करोड़ 72 लाख रूपये की लागत से 3.73 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण को स्वीकृति देकर कार्य शुरू कराया है।

20 किलोमीटर का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा

इस बहुप्रतीक्षित मार्ग के बनने से क्षेत्र के लगभग 40 गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा और लोगों को आवागमन में 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इस सड़क निर्माण की राह में सबसे बड़ा रोड़ा कैमौर पर्वत श्रंखला का 25 मीटर ऊंचा और 350 मीटर चौड़ा पहाड़ है।


22 मीटर चौड़ाई में काटकर सुरक्षित मार्ग तैयार करने की चुनाैती

पहाड़ के सख्त पत्थरों को तोड़ा जा रहा है कि उसके बीच से रास्ता बनाया जा रहा है। दुर्गम पहाड़ी के बीच से रास्ता बनाने और पत्थरों को तोड़ने में आधुनिक मशीनें भी हाफ जा रही हैं। पहाड़ की लगभग 22 मीटर चौड़ाई में काटकर सुरक्षित मार्ग तैयार करने की चुनाैती निर्माण एजेंसी के सामने है।

इन गांवों को मिलेगा इसका लाभ

ग्रामीणों ने बताया कि रामपाटन से इस मार्ग के बन जाने से हथियागढ़, कूड़ा, इमलिया, अमरगढ़, अमोदा और इमलीगढ़ सहित दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क पठार क्षेत्र से जुड़ जाएगा। इनमें रामनगर, रामपाटन, सुपेली, पाकर, अमाड़ी, चरगवा, मसंधा, पटी राजा, बरतरा, बरतरी, चांदनखेड़ा, बढ़ैयाखेड़ा, कूंडा इमलिया, गौरह, बाकल, सिहुंडी, पिपरिया, पटना, खमतरा, मोहतरा, पटोरी, मंगेला, खमरिया और मझगवां शामिल हैं।

आसानी से जल्द आवागमन गांव के लोग कर सकेंगे

इन गांव के निवासियों को सड़क बनने के बाद लंबा रास्ता तय नहीं करना होगा और 20 किमी. की दूरी कम हो जाएगी, जिससे आसानी से जल्द आवागमन गांव के लोग कर सकेंगे। ग्रामीण लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग करते आ रहे थे और विधायक ने इसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री सहित विभागीय मंत्रियों को भेजा था, जिसमें निर्माण को स्वीकृति मिली है और पहाड़ काे काटकर तेज गति से सड़क निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सड़क निर्माण का कार्य शुरू हो सका है। दुर्गम पहाड़ को काटकर बनाई जा रही इस सड़क से ग्रामीणों के समय और धन की बचत होगी और पूरा क्षेत्र आर्थिक रूप से भी मजबूत होगा। प्रयास है कि जल्द से जल्द इस मार्ग का निर्माण कार्य पूरा कराया जा सके।

प्रणय प्रभात पांडेय, विधायक बहोरीबंद

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