एशिया के सबसे बड़े ग्रेड सेपरेटर में पहली बार हादसा, दो हिस्सों में बंटी मालगाड़ी, अनहोनी टली
बता दें कि ग्रेड सेपरेटर में पहली बार हादसा हुआ है। मुड़वारा स्टेशन के पास अप लाइन बस्ती व मुख्य मार्ग से सटककर गुजरती है। यदि बोगियां पलटतीं तो बड़ा ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 10 Aug 2026 11:34:41 PM (IST)Updated Date: Mon, 10 Aug 2026 11:40:48 PM (IST)
ग्रेड सेपरेटर।HighLights
- मुख्य मार्ग और बस्ती से गुजरती है अप लाइन।
- बोगियां पलटतीं तो हो सकता था बड़ा हादसा।
- एआरएम का कहना है यातायात बाधित नहीं हुआ।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में बिलासपुर और सिंगरौली रेल खंड से दमोह-सागर रूट पर बनाए गए एशिया के सबसे बड़े रेल ग्रेड सेपरेटर में पहली बार हादसा हुवा। मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत रही कि बोगियां पलटी नहीं अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
सोमवार को सिंगरौली से बीना जा रही कोयले से लदी मालगाड़ी कपलिंग खुल जाने से दो हिस्सों में बंट गई। ड्राइवर ने मालगाड़ी के एक हिस्से को रोका और अधिकारियों को घटना की सूचना दी।
ढाई घंटे से अधिक मेहनत के बाद कपलिंग को जोड़कर मालगाड़ी को बीना की ओर रवाना किया गया। एआरएम रोहित सिंह का कहना है कि रेल यातायात बाधित नहीं हुआ।
बता दें कि ग्रेड सेपरेटर में पहली बार हादसा हुआ है। मुड़वारा स्टेशन के पास अप लाइन बस्ती व मुख्य मार्ग से सटककर गुजरती है। यदि बोगियां पलटतीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पटरी के किनारे दोनों ओर सुरक्षा के नाम पर सिर्फ रेलिंग लगी है। ट्रैक पर दोनों ओर स्थान भी कम है।
यह है ग्रेड सेपरेटर
- रेलवे ने कटनी जंक्शन में मालगाड़ी व यात्री ट्रेनों के जाम को समाप्त करने को लेकर एशिया का सबसे लंबा रेल फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण कराया है।
- लगभग 1800 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे ग्रेट सेपरेटर का डाउन ट्रैक का कार्य अभी जारी है।
- मझगवां फाटक से झलवारा स्टेशन के बीच बनाए गए सेपरेटर की लंबाई अप-डाउन 33.4 किमी. है।
- 676 पिलर पर बनाया गया रेल ओवरब्रिज ट्रेनों को बिना रुके कटनी यार्ड से सीधे गुजरने में मदद करता है।
- अप ट्रैक से रोजाना 20 से 25 मालगाड़ियां निकाली जाती हैं। इसे उड़ता जंक्शन भी कहा जाता है।