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कटनी के विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र में तालाब में जहर, 14 वन्यजीवों की गई जान, तीन आरोपित गिरफ्तार

जांच के लिए सतना से डॉग स्क्वॉड बुलाया गया। सर्चिंग के दौरान डॉग एक संदिग्ध के घर तक पहुंचा, जहां से ताजा खून के निशान, मांस, वन्यजीवों के बाल, फंदे औ...और पढ़ें

By Mukesh TiwariEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Thu, 25 Jun 2026 11:22:54 PM (IST)Updated Date: Thu, 25 Jun 2026 11:23:42 PM (IST)
कटनी के विजयराघवगढ़ वन क्षेत्र में तालाब में जहर, 14 वन्यजीवों की गई जान, तीन आरोपित गिरफ्तार
वन्‍य प्राणियों का शिकार।

HighLights

  1. विजयराघवगढ़ के जंगल में चीतल और सांभर का शिकार, तीन आरोपित गिरफ्तार

नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। विजयराघवगढ़ वन परिक्षेत्र की पुरैनी बीट में तालाब में जहर मिलाने से 14 वन्यजीवों की जान चली गई। वन विभाग ने तीन आरोपितों को हिरासत में लिया है।

डीएफओ गर्वित गंगवार ने बताया कि घुघरी-कांटी गांव के पास स्थित एक तालाब में कथित तौर पर जहर मिलाने से 12 चीतल और दो सांभर की मौत हो गई।

गुरुवार को तालाब के आसपास 100 मीटर के दायरे में वन्यजीवों के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर डीएफओ सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।

जांच के लिए सतना से डॉग स्क्वॉड बुलाया गया। सर्चिंग के दौरान डॉग एक संदिग्ध के घर तक पहुंचा, जहां से ताजा खून के निशान, मांस, वन्यजीवों के बाल, फंदे और मांस काटने के औजार बरामद किए गए।

पूछताछ के आधार पर दो अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया। डीएफओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपितों ने शिकार करने रात में तालाब में जहरीला पदार्थ मिलाया था।

पानी पीने पहुंचे वन्यजीवों की मौके पर ही मौत हो गई। वन्यजीवों में आठ वयस्क और चार अवयस्क चीतल व दो वयस्क सांभर शामिल हैं। सभी का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कराया गया है।

वन विभाग ने आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित शिकार गिरोह तो सक्रिय नहीं है।