
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। खंडवा शहर में रेलवे की जमीन पर बने करीब 30 मकानों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। संजय नगर वार्ड में यह कार्रवाई की गई। कई साल से लोग यहां रेलवे की जमीन पर कब्जा करके निवास कर रहे थे। कार्रवाई के बाद लोगों में हड़कंप मच गया। लोग मकानों से समान बाहर निकालकर मैदान आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे द्वारा बिना नोटिस दिए ही मकान तोड़ दिए गए।
त्योहार और वैवाहिक सीजन के चलते बाजार में भीड़ बढ़ रही है। इसी का फायदा उठाकर ठेला व्यवसायी फिर सड़कों पर डेरा जमा रहे हैं। हाकर्स जोन से शिफ्ट किए गए व्यवसायी वापस घंटाघर पर इस तरह जम गए हैं कि अब सड़क तक सामान फैला रहे हैं। ऐसे में यहां ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है। सड़क पर आवागमन बेहतर करने के लिए ना तो नगर निगम का अतिक्रमण विरोधी दस्ता दिखाई दे रहा है और ना ही ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई कर रही है।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था त्योहार आते ही गड़बड़ाने लगती है। बाजार में खरीदी के लिए निकलने वाले लोग इस अनियंत्रित यातायात व्यवस्था से जूझ रहे हैं। घंटाघर चौक क्षेत्र, बुधवारा बाजार, मधुसूदन टावर गली सहित नगर निगम से रेलवे स्टेशन रोड तक के रूट पर रविवार को ट्रैफिक अव्यवस्थित नजर आया। इसका मुख्य कारण सड़कों पर ठेलों का अतिक्रमण रहा।
नगर निगम ने बस स्टैंड के सामने हाकर्स जोन पर घंटाघर चौक के करीब पथकर विक्रेताओं को शिफ्ट किया था। इनमें ज्यादातर कटलरी और रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी थे। वहीं मिट्टी के बर्तन बेचने वाले भी इनमें शामिल थे। इन्होंने घंटाघर चौक पर फिर कब्जा जमा लिया है। मिट्टी के बर्तन बेचने वाले सड़क तक सामान फैलाकर बैठ रहे हैं। जबकि कटलरी व्यवसायी सड़क किनारे ठेले लगाकर अतिक्रमण फैला रहे हैं।
इन व्यवसायियों का कहना है कि त्योहारी सीजन है। यदि बाजार में ठेले नहीं लगाएंगे तो ग्राहकी कैसे होगी। व्यवसायियों ने यह भी कहा कि हाकर्स जोन में ग्राहकी नहीं होने के कारण यहां वापस लौटना पड़ा। विदित हो कि घंटाघर चौक पर ट्रैफिक पुलिस ने चार अलग-अलग स्थान पार्किंग के लिए चिन्हित किए थे। ये पार्किंग स्थल पर अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं।