खंडवा में जीवनरक्षक बनी डायल-112, रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या कर रहे युवक को बचाया
मौके पर युवक पटरी पर बैठा हुआ था और वीडियो कॉल पर किसी से बातचीत कर रहा था। आरक्षक रघुवीर ने उससे बातचीत शुरू की और धैर्यपूर्वक समझाइश दी।
Publish Date: Mon, 10 Aug 2026 11:42:30 PM (IST)Updated Date: Mon, 10 Aug 2026 11:46:00 PM (IST)
फोटो-रेलवे ट्रैक पर बैठे युवक को बचाते हुए आरक्षक रघुवीर।HighLights
- जीवनरक्षक बनी डायल-112, रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या कर रहे युवक को बचाया।
- जिंदगी हारने के लिए नहीं होती... पुलिस की समझाइश ने बदला युवक का फैसला।
- छनेरा रेलवे ब्रिज का मामला, पुलिस ने धैर्य और सूझबूझ से युवक को सुरक्षित उतारा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। खंडवा जिले की आशापुर चौकी की डायल-112 टीम ने अपनी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक युवक की जान बचा ली। टीम किसी अन्य इवेंट के लिए रवाना हुई थी, तभी रास्ते में सूचना मिली कि छनेरा रेलवे ब्रिज पर एक व्यक्ति रेलवे पटरी पर बैठा है और आत्महत्या करने की बात कर रहा है।
सूचना मिलते ही आरक्षक रघुवीर जावट और पायलट फरीद तत्काल मौके पर पहुंचे। आरक्षक रघुवीर ने बताया कि दोपहर करीब 12.30 बजे वे इवेंट क्लियर कर लौट रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने रेलवे ब्रिज पर युवक के बैठे होने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही टीम बिना समय गंवाए घटनास्थल पहुंची।
मौके पर युवक पटरी पर बैठा हुआ था और वीडियो कॉल पर किसी से बातचीत कर रहा था। आरक्षक रघुवीर ने उससे बातचीत शुरू की और धैर्यपूर्वक समझाइश दी।
कुछ देर बाद युवक ने अपना नाम गोकुल पवार निवासी जामनिया सरसरी बताया। पूछताछ में उसने बताया कि पारिवारिक विवादों के कारण वह मानसिक तनाव में था और इसी वजह से आत्मघाती कदम उठाने की सोच रहा था।
कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य और साहस से करें
- पुलिसकर्मियों ने उसे समझाया कि जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य और साहस से करना चाहिए। काफी देर तक समझाने के बाद युवक मान गया।
- इसके बाद उसे सुरक्षित चौकी लाया गया तथा उसके परिजनों को सूचना दी गई। परिवार के सदस्यों की काउंसलिंग कर युवक को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
- स्थानीय लोगों ने डायल-112 टीम की तत्परता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय व्यवहार की सराहना की।
- पुलिस अधिकारियों ने भी टीम के इस कार्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और जीवन रक्षा के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।
डायल-112 बन रही लोगों की त्वरित मददगार
- डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। सड़क दुर्घटना, पारिवारिक विवाद, झगड़ा, चिकित्सा सहायता, लापता व्यक्ति की तलाश, महिला सुरक्षा और आत्महत्या जैसी घटनाओं में डायल-112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध करा रही है।
- कई मामलों में पुलिसकर्मी समय रहते हस्तक्षेप कर लोगों की जान बचा चुके हैं।
- दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने, रास्ता भटके बच्चों को परिवार से मिलाने तथा विवादित परिस्थितियों में समझाइश देकर तनाव कम करने में भी यह सेवा प्रभावी भूमिका निभा रही है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में भी डायल-112 की पहुंच बढ़ी है, जिससे लोगों को त्वरित सहायता मिल रही है।