
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। इमलीपुरा के रहवासी इलाके में मांस से चर्बी बनाने और पशुओं के अवशेषों को संग्रहित करने वाले कारखाने को तोड़ने की कार्रवाई गुरुवार सुबह आठ बजे से शुरू की गई जो देर शाम तक चलती रही।
सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, निगमायुक्त प्रियंका राजावत, सीएसपी अभिनव बारंगे सहित अधिकारियों की मौजूदगी में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने यहां भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। संकरी गलियां होने की वजह से बुलडोजर अंदर प्रवेश नहीं कर पाए। ऐसे में 26 मजदूरों की टीम ने हथौड़े और सब्बल चलाकर भवन की दीवारें गिराईं।शाम छह बजे तक काम चला। शुक्रवार को भी भवन के कुछ हिस्से को तोड़ने का काम चलेगा।
बिना लायसेंस के सघन बस्ती में पशुओं की खाल, सींग सहित चर्बी बनाने वाले आरोपित अनवर कुरैशी के कारखाने को ध्वस्त कर दिया गया।यह भवन करीब पांच हजार वर्गफीट में बना था।वर्षों पुराने इस भवन के एक ओर जहां मांस को पानी में गर्म करके चर्बी और आइल निकाला जाता था और पशुओं के सींग सहित अन्य अवशेष संग्रहित किए जाते थे।वहीं दूसरे भवन में पशुओं की खालें बड़ी मात्रा में रखी जाती थी।
दोनों ही भवनों को जमीदोज करने में निगम की टीम और ठेके पर बुलाए गए मजदूरों को सात घंटे से अधिक का समय लग गया।इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।विदित हो कि कारखाना संचालित करने वाले आरोपित अनवर कुरैशी के स्वजन को नगर निगम द्वारा कुछ दिनों पूर्व नोटिस देकर भवन निर्माण और भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे गए थे।निगम ने नोटिस में चेतावनी दी थी कि 24 घंटे के भीतर यदि दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह नोटिस छापामार कार्रवाई के दूसरे दिन 25 अप्रैल को जारी किया गया था लेकिन संबंधित स्वजन 29 अप्रैल तक ना तो भवन के दस्तावेज दिखा पाए और ना ही भूमि की रजिस्ट्री के कागज प्रस्तुत कर सके।गुरुवार को निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी।
जिस भवन में कारखाना संचालित हो रहा था, वह वर्षों पुराना था।इसकी दीवारों की चौड़ाई करीब चार फीट तक थी।पुरानी और मजबूत बनावट के कारण मजदूरों को भवन तोड़ने में पसीने छूट गए।यहां ठेके पर 15 और निगम के 12 मजदूरों को भवन तोड़ने के लिए लगाया गया था।सुबह आठ से शाम छह बजे तक मजदूर भवन का 80 प्रतिशत हिस्सा गिरा पाए।अधिकारियों के निर्देश पर भवन का बाकी हिस्सा शुक्रवार को तोड़ा जाएगा।
पूरी कार्रवाई के दौरान निगम उपायुक्त सचिन सिटोले सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।इसी वर्षों पुराने भवन में वर्ष 2019 में भी बड़ी मात्रा में अवैध रूप से संग्रहित किए गए पशुओं के अवशेष मिले थे।तब भी संचालक अनवर कुरैशी सहित अन्य पर प्रकरण दर्ज किया गया था।दूसरी बार भी इसी भवन में पशुओं की चर्बी और अन्य अवशेष मिलने पर इसे तोड़ने का निर्णय लिया गया।
24 अप्रैल को छापामार कार्रवाई में कारखाने से बड़ी मात्रा चर्बी से भरे ड्रम और पीपे जब्त किए गए थे।कार्रवाई में तीन ट्राली सींग, हड्डियां एवं चमड़ियां, 69 (15 किलोग्राम के) कनस्तरों में भरी पशु चर्बी, नौ नीले ड्रम (100 से 300 किलोग्राम क्षमता), लगभग 600 किग्रा चमड़ा, 35 बोरे सींग और छह बोरी पशु नली जब्त की गई थी।जब्त हुए सींग, चर्बी, खालों को निगम द्वारा ट्रेंचिंग ग्राउंड पर नष्ट किया गया था।
शहर में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इमलीपुरा में जिस भवन में अवैध रूप से पशुओं के वध के बाद निकलने वाले अवशेषों को संग्रहित किया जा रहा था, उसे दस्तावेजों के अभाव में तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।मामले में दो दोषी अधिकारियों को निलंबित किया गया है।शहर में खुले में मांस का विक्रय करने वालों पर भी सख्ती से कार्रवाई करेंगे। - अमृता अमर यादव, महापौर
मांगे थे दस्तावेज
जिस स्थान पर छापामार कार्रवाई हुई थी वहां की बिल्डिंग परमिशन और भूमि के दस्तावेज संबंधित से मांगे गए थे।सुनवाई का मौका देने के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।इसके बाद भवन तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।स्लाटर हाउस से निकलने वाले पशुओं के अपशिष्ट को उठाए जाने का ठेका टेंडर के माध्यम से दिया जाएगा।तय करेंगे कि वैज्ञानिक ढंग से मटेरियल का निपटान हो। - प्रियंका राजावत, आयुक्त, नगर निगम
दीवारें काफी मोटी हैं, तोड़ने में समय लग रहा है
संकरी गलियों के कारण अंदर बुलडोजर नहीं जा पा रहे हैं।इसलिए निगमकर्मियों द्वारा हथौड़ों से तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।दीवारें काफी मोटी हैं।तोड़ने में समय लग रहा है।पशुओं की खालें, चर्बी और अन्य अवशेष पशु चिकित्सा विभाग द्वारा लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।रिपोर्ट आने के बाद संभव हो सकेगा तो आरोपित पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी। - बजरंग बहादुर, सिटी मजिस्ट्रेट
खंडवा में ड्रमों में मिली थी पशुओं की चर्बी, सींग और खालें, अवैध कारखाना तोड़ने की कार्रवाई शुरू