
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। इमलीपुरा के रहवासी इलाके में मांस को उबालकर चर्बी बनाने और पशुओं के अवशेषों को संग्रहित करने वाले कारखाने पर आखिरकार हथौड़े चलना शुरू हो गए हैं। गुरुवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर नगर निगम आयुक्त प्रियंका राजावत सहित अन्य पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने यहां भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की।
इस दौरान यहां सुरक्षा के मध्य नजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कारखाना संचालित करने वाले आरोपित अनवर कुरैशी के स्वजन को नगर निगम द्वारा कुछ दिनों पूर्व नोटिस देकर भवन निर्माण और भूमि संबंधी दस्तावेज मांगे गए थे। निगम ने नोटिस में चेतावनी दी थी कि 24 घंटे के भीतर यदि दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

समय अवधि बीत जाने के बाद भी स्वजन ना तो भवन के दस्तावेज दिखा पाए और ना ही भूमि की रजिस्ट्री के कागज प्रस्तुत कर सके। गुरुवार को निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी भवन में पशुओं के मांस से चर्बी और ऑयल सहित सींग, खालें निकालने का अवैध कारोबार यहां चल रहा था। यह कारखान संकरी गलियों के बीच सघन बस्ती में संचालित हो रहा था।

मौके पर बुलडोजर के प्रवेश करने की जगह नहीं होने के कारण निगम के कर्मचारियों ने सब्बल और हथौड़ों की मदद से भवन की दीवारें गिराई। विदित हो कि अवैध चर्बी कारखाना संचालित करने वाले अनवर कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
कारखाने से जिला प्रशासन और निगम की टीम ने 24 अप्रैल को नौ ड्रम और 39 कनस्तरों में चर्बी जब्त की थी, वहीं पशुओं के सींग और खालें भी बरामद हुई थीं, जिन्हें निगम द्वारा ट्रेचिंग ग्राउंड पर उसी दिन नष्ट कर दिया गया था।

इस पूरे प्रकरण में निगम द्वारा स्लाटर हाउस प्रभारी जाकिर अहमद और राजस्वकर्मी अमित अग्रवाल को दोषी ठहराते हुए निलंबित किया है। इधर हिंदू संगठनों द्वारा पूरे प्रकरण में आरोपित और उसके साथ जुड़े अन्य लोगों पर रासुका लगाने की मांग की जा रही है।