
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। खंडवा जिले में पुलिस से जुड़े दो मामलों को लेकर हिंदू संगठनों ने आक्रोश व्यक्त कर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन किया। इसमें एक आरक्षक पर वर्दी को कलंकित करने तथा एक अन्य मामले में प्रधान आरक्षक पर अपने पुत्र को संरक्षण देने के आरोप हैं। दोनों ही मामलों में जांच शुरू हो गई है। आरक्षक और प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच की कार्रवाई शुरू हो गई है।
खालवा थाने में पदस्थ आरक्षक अफराज मिर्जा पर महिलाओं से कथित रूप से अशोभनीय बातचीत करने, सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उनका शोषण तथा वर्दी के प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। इसे लेकर महादेवगढ़ संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कोतवाली पहुंचकर सीएसपी अभिनव बारंगे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आरक्षक अफराज मिर्जा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से महिलाओं और युवतियों से संपर्क किया जाता है तथा उनसे आपत्तिजनक बातचीत की जाती है।
संगठन का दावा है कि उसके पास आरक्षक से संबंधित कुछ कथित चैट, फोटो और वीडियो उपलब्ध हैं, जिनकी जांच कराई जानी चाहिए। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरक्षक अपनी ड्यूटी के दौरान और वर्दी के प्रभाव का उपयोग कर महिलाओं को प्रभावित करने का प्रयास करता है।
संगठन ने मांग की है कि संबंधित पुलिसकर्मी के सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाए कि कहीं किसी महिला को ब्लैकमेल कर उसका शोषण तो नहीं किया गया है। साथ ही वायरल हो रहे फोटो और वीडियो का दुरुपयोग करने वाले व्यक्तियों की भी पहचान कर कार्रवाई की जाए।
संगठन ने ज्ञापन में मामले को गंभीर बताते हुए आरोपित पुलिसकर्मी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा संभावित पीड़ित महिलाओं की पहचान कर उनकी शिकायतें दर्ज कराने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अतुल अग्रवाल, संकेत जोशी, विशाल पासी, दीपू हिंगोरी, विनायक दुबे, कुलदीप राजपूत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारणेकर ने बताया कि खालवा थाने में पदस्थ आरक्षक अरफाज मिर्जा से संबंधित कुछ कथित चैट और आपत्तिजनक फोटो वायरल हुए हैं। इस संबंध में एक संगठन द्वारा शिकायत की गई है। शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों और बिंदुओं की जांच की जा रही है। उसे लाइन अटैच कर जांच के आधार पर जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंदू जागरण मंच ने मंगलवार दोपहर कोतवाली थाने पहुंचकर प्रधान आरक्षक इरशाद अली को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। हिंदू जागरण मंच के संयोजक माधव झा ने आरोप लगाया कि छह दिन पूर्व संगठन ने एक कथित लव जिहाद प्रकरण में कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन क्षेत्र के जंगल से एक युवक और उसके साथियों को पकड़ा था। उनके अनुसार मामले में कोतवाली थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक इरशाद अली का पुत्र भी शामिल था।
झा ने कहा कि संबंधित बालिका ने दबाव में आकर एफआईआर दर्ज कराने से इन्कार कर दिया था। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन उसके साथ मौजूद अन्य आरोपितों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। झा ने आरोप लगाया कि प्रधान आरक्षक अली को हटाने के लिए पूर्व में भी आवेदन दिया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा था, लेकिन निर्धारित अवधि में कोई कदम नहीं उठाया गया। इसी के विरोध में संगठन को प्रदर्शन करना पड़ा। प्रदर्शन के बाद सीएसपी ने संगठन के प्रतिनिधियों को बताया कि प्रधान आरक्षक इरशाद अली को लाइन अटैच के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। पुलिस अधीक्षक अगन जैन ने बताया कि आरक्षक और प्रधान आरक्षक पर लगे आरोपों की जांच करवाई जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधान आरक्षक को लाइन से मोहर्रम की ड्यूटी पर भेजा है।