
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। प्रेम प्रसंग में पति की हत्या की साजिश रचने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश अनिल चौधरी की अदालत ने आरोपित अख्तर अली (25), निवासी जलगांव (महाराष्ट्र) और मृतक की पत्नी शहनाज बी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने अख्तर अली को हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, साक्ष्य मिटाने तथा आयुध अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास सहित अन्य सजाएं और अर्थदंड से दंडित किया, जबकि शहनाज बी को आपराधिक षड्यंत्र के अपराध में आजीवन कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई।
अभियोजन पक्ष की ओर से उप संचालक अभियोजन त्रिलोकचंद्र बिल्लौरे ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन के अनुसार 24 मई 2025 की सुबह करीब 4.15 बजे बोरगांव पुलिस चौकी को सूचना मिली कि मस्जिद के पास रहने वाले आमीन की अज्ञात बदमाश ने गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध लगा और जांच का दायरा बढ़ाया गया।
अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी शहनाज बी का जलगांव निवासी अख्तर अली से प्रेम संबंध था। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश का खुलासा कर दिया। घटना वाली रात अख्तर बोरगांव पहुंचा। शहनाज के कहने पर उसने पहले आसपास के 7-8 घरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए, ताकि गोली चलने पर कोई तुरंत बाहर न निकल सके।
इसके बाद शहनाज ने घर का दरवाजा खोला और पति आमीन के पास जाकर लेट गई। मौका मिलते ही अख्तर ने सो रहे आमीन के सिर में गोली मार दी। वारदात के बाद वह फरार हो गया तथा रास्ते में मोबाइल की सिम तोड़कर फेंक दी, कपड़े बदल दिए और हथियार भी छिपा दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, बरामदगी और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया।
इस प्रकरण की विवेचना बोरगांव चौकी के तत्कालिन प्रभारी रामप्रकाश यादव ने की थी। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने षड़यंत्रकारी पत्नी व उसके प्रेमी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।