सिकल सेल उन्मूलन में देश के लिए मॉडल बना मध्य प्रदेश, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की सराहना
राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से सिकल सेल उन्मूलन अभियान उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है। ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्र...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 20 Jun 2026 01:45:11 PM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2026 01:45:11 PM (IST)
सिकल सेल उन्मूलन के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करती राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। (नईदुनिया प्रतिनिधि)HighLights
- कहा- दुनिया की सबसे बड़ी आनुवांशिक स्क्रीनिंग पहल में शामिल है यह मिशन
- यह अभियान जनजातीय समाज और भावी पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का राष्ट्रीय संकल्प है
- उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सिकल मित्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया
मनीष करे, नईदुनिया, खंडवा। विश्व सिकल सेल दिवस पर ओंकारेश्वर के निकट थापना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत मध्य प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना की। कहा कि प्रदेश इस अभियान में देश के लिए मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी के खिलाफ चल रहा अभियान केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज और भावी पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का राष्ट्रीय संकल्प है।
राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से सिकल सेल उन्मूलन अभियान उल्लेखनीय परिणाम दे रहा है। ओंकारेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सिकल मित्रों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संवाद भी किया।
नवजात शिशुओं से 40 वर्ष तक के सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है
राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन के तहत नवजात शिशुओं से 40 वर्ष तक के सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। यह दुनिया की सबसे बड़ी आनुवांशिक जांच पहल में से एक है। देश में लगभग दो से ढाई करोड़ लोग सिकल सेल जीन के वाहक हो सकते हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्रों में है। सिकल सेल केवल स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि जनजातीय स्वास्थ्य, आनुवांशिक जागरूकता और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन से जुड़ा विषय है।
भारत 2047 से पहले सिकल सेल मुक्त बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है
राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि राज्यों की सक्रिय भागीदारी और जनसहयोग से भारत 2047 से पहले सिकल सेल मुक्त बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, सरपंचों और स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव सहित मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
सिकल सेल एक आनुवांशिक रक्त विकार है
बता दें कि सिकल सेल एक आनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं हंसिए के आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है और एनीमिया, दर्द व अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।